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निजी अस्पताल लौटा रहे मरीजों को

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ज्ञानपुर। पांच लाख रुपये तक गरीबों के नि:शुल्क इलाज के लिए केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना जिले में कामयाब नहीं दिख रही है। योजना में चयनित 16 निजी अस्पतालों में गिने-चुने मरीजों का उपचार हो पाया है। इससे गरीब मरीज जिला अस्पताल और एमबीएस अस्पताल का चक्कर लगा रहे हैं।
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आयुष्मान भारत योजना में जिले में कुल 92 हजार परिवार चयनित हैं। अब तक 62 हजार लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड भी दिया जा चुका है। इसके लिए जिला चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह चिकित्सालय भदोही और 16 प्राइवेट अस्पतालों को चयनित किया गया है। योजना को करीब तीन से चार माह बीत चुके हैं लेकिन अब तक 300 मरीजों को इलाज कराने का दावा विभाग की ओर से किया जा रहा है। जबकि हकीकत इससे जुदा है। निजी अस्पतालों की ओर से मरीजों का उपचार न करने का मामला भी सामने आ रहा है। लाभार्थियों को अस्पताल में इलाज से पहले उनका बायोमीट्रिक और आइरिस वेरिफिकेशन किया जाता है। लेकिन ज्यादातर प्राइवेट अस्पतालों में बायोमीट्रिक और आइरिस (आंखों की जांच) जैसे जरूरी उपकरण नहीं लगाए हैं। इस कारण उनमें से आयुष्मान लाभार्थी लौट रहे हैं। वहीं कुछ गंभीर अवस्था में लाए गए लाभार्थी के परिजन अपने खर्चे पर ही इलाज कराने को मजबूर हैं। जिले के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकीय उपकरणों और चिकित्सकों की कमी है। जिले के सरकारी अस्पतालों में बर्न यूनिट, आइसीसीयू, वेंटिलेटर, डिजिटल एक्सरे, डायलिसिस, जैसी अत्याधुनिक चिकित्सीय सुविधाओं का भी अभाव है। दूसरी तरफ सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह ने कहा कि इलाज नहीं करने की शिकायत कहीं से नहीं मिली है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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