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प्रधान जी के फेर में फंसे 90 पीएम आवास के लाभार्थी- प्लान

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ज्ञानपुर। महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना भी प्रधानों के मायाजाल में फंस गई है। दूसरे चरण में 90 से अधिक आवास लाभार्थियों की लापरवाही संग प्रधान और सेक्रेटरी की गुणा-भाग से अधूरे रह गए हैं। डीएम दफ्तर से चंद किमी दूर सरपतहां गांव की सरोज बस्ती में एक विधवा का आवास प्रधान की मनमानी के चलते आठ माह से लटका हुआ है, जिससे उम्र के अंतिम पड़ाव में वह कड़ाके की ठंड के बीच छप्पर में रहने के लिए विवश है।
सबको पक्की छत मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना पूर्व की आवास योजनाओं में काफी हद तक तेजी से बनी है। तीन चरणों में नौ हजार से अधिक आवास बन चुके, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में आवास अधूरे पड़े हैं। दूसरे चरण में जिले को 4196 आवासों का लक्ष्य मिला। इसके सापेक्ष सभी छह ब्लॉकों से 3362 आवेदन आए। अभिलेखीय जांच के बाद 3864 लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में 40-40 हजार की रकम खातों में भेजी गई, हालांकि अपात्र होने से करीब 500 को दूसरी किस्त नहीं भेजी गई। दूसरी किस्त 70 हजार जाने के बाद भी आवास पूर्ण न कराने पर 90 लाभार्थियों को तीसरी किस्त नहीं गई।
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विभागीय आंकड़ों में दूसरे चरण में 3340 आवास पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन अब भी प्रधान, सेक्रेटरी की मनमानी से 100 से अधिक लाभार्थियों के आवास आधे अधूरे हैं। ज्ञानपुर से सटे चकटोडर गांव की मुसहर बस्ती में करीब 10 आवास कई माह से अधूरे पड़े हैं। मुख्यालय से सटे सरपतहां गांव के सरोज बस्ती में एक विधवा का आवास अब तक पूर्ण नहीं हो सका। लाभार्थी महिला ने बताया कि योजना के तहत तीनों किस्त मिल चुकी, लेकिन प्रधान जी बनवाने के लिए पैसे निकलवा लिए। सरपतहां इकलौता गांव नहीं है, इसी तरह लखनो, सरई मिश्रानी, डीघ और सुरियावां ब्लॉक के जमुनीपुर अठगवां समेत कई गांवों में कई आवास लापरवाही में लटक गए है। पहले चरण का काम पूरा न होने पर दूसरी किस्त और दूसरे चरण का काम पूरा न होने पर तीसरी किस्त कई लाभार्थियों को नहीं मिल सका।
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प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी स्तर पर गड़बड़ी नहीं हो सकती। आवास न बनाने पर फोटो अपलोड नहीं होगी तो दूसरी किस्त नहीं मिलेगी। अगर पैसे जाने के बाद भी काम नहीं हुआ तो रिकवरी होगी। - हरिशंकर सिंह मुख्य विकास अधिकारी भदोही
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