भदोही/लालानगर। लोक आस्था के महापर्व डाला छठ को लेकर ट्रेनों में आरक्षण के लिए मारामारी शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल और बिहार के जिलों की ओर जाने वाली किसी भी ट्रेन में इस पूरे महीने जगह नहीं है। कई ट्रेनों में नो रूम की स्थिति है। त्योहार पर घर जाने के लिए बेताब लोग येन-केन प्रकारेण पहुंचने की जुगत में है, लेकिन जनरल टिकट के लिए भी मारामारी मची है।
रेलवे स्टेशनों से अभी दीपावली की भीड़ छंटी नहीं थी कि छठ पूजा के लिए ट्रेनों में बर्थ के लिए मारामारी शुरू हो गई है। बिहार के तमाम लोग भदोही में रहते हैं, जिन्हें हर हाल में छठ पूजा के लिए घर पहुंचना होता है, लेकिन उनके लिए ट्रेनों का सहारा नहीं बचा है। जिन्हें घर लौटना है वे अब वाराणसी से विकल्प तलाश रहे हैं हालांकि उनके सामने कठिनाई खड़ी हो गई है।
छठ पूजा बिहार का प्रमुख पर्व है। भदोही में बड़ी संख्या में कालीन मजदूर, बुनकरों के अलावा शिक्षक और प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारी बिहार के हैं। जिन्हें पूजा के लिए घर लौटना आवश्यक है। लेकिन भदोही से पटना की ओर जाने वाली दो ट्रेनों में बर्थ नहीं मिल रही है। प्रतिदिन चलने वाली 13006 अमृतसर-हावड़ा मेल ट्रेन में स्लीपर क्लास में जहां दो दिसंबर से पहले टिकट नहीं है तो एसी-थ्री श्रेणी में भी तीन दिसंबर की बर्थ मिल रही है। सप्ताह में दो दिन चलने वाली 12356 अर्चना एक्सप्रेस में 15 नवंबर का टिकट मिल रहा है, जिसकी लोगों को आवश्यकता नहीं है, क्योंकि तब तक लोगों को वापसी करनी होगी। रेलवे ने दशहरा और छठ पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, लेकिन इस रूट के हिस्से में कोई ट्रेन नहीं आई है। गौरतलब है कि भदोही में बिहार के अधिकतर मजदूर और बुनकर तबके के लोग काम करते हैं। कालीन बुनकर बंसराज ने बताया कि वे लोग टिकट की चाह में स्टेशन के चक्कर तो लगाते हैं, लेकिन कभी टिकट नहीं मिल पाता। इसलिए हम लोगों के सामने वाराणसी से ट्रेन या बस पकड़ने की मजबूरी होती है। यही हाल इलाहाबाद-वाराणसी रेलवे रूट का भी है। ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन के अधीक्षक महानंद ने बताया कि डाला छठ के निमित्त कोलकाता और बिहार की तरफ जाने वाली किसी भी ट्रेन में जगह नहीं है। रिजर्वेशन फुल हो चुके हैं। लगभग सभी श्रेणी के बोगियों में वेटिंग चल रहा है।
लालानगर। डाला छठ और दीपावली के समापन के बाद ट्रेनों में भीड़ का आलम यह है कि लोगों को ट्रेनों में जगह नहीं मिल पा रही है। रिजर्वेशन डिब्बों में जहां सीट नहीं मिल रही है, वहीं जनरल डिब्बों में भी भूसे की तरह भरकर लोग यात्रा करने को मजबूर हैं। शनिवार को ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर पहुंची सिकंदराबाद-पटना एक्सप्रेस की जनरल बोगी के शौचालय में भी लोग लदकर यात्रा करते दिखे। यही हाल मथुरा-पटना एक्सप्रेस और बिहार-पश्चिम बंगाल जाने वाली अन्य गाड़ियों का भी रहा।