मिशन इंद्रधनुष योजना के तीसरे चरण में जिले के 10 हजार 589 बच्चों और तीन हजार गर्भवती महिलाओं को आठ गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगाए जाएंगे। सात से 14 जून तक युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर टीकाकरण किया जाएगा, जबकि माह भर यह प्रक्रिया चलती रहेगी। 1340 चिन्हित स्थानों पर टीकाकरण के लिए आशा, आंगनबाड़ी और निजी कार्यकर्ता लगाए गए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. डीके सोनकर सोमवार को अभियान की तैयारियों को लेकर पत्रकारों से रूबरू हुए।
उन्होंने बताया कि आठ गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए मिशन इंद्रधनुष योजना के तहत अप्रैल और मई में टीकाकरण हो चुका है। अप्रैल में 6975 लक्ष्य के सापेक्ष 10 हजार 186 बच्चों और 2337 महिलाओं के सापेक्ष 3591 को टीका लगाया गया। मई में 9 हजार 685 के सापेक्ष 11 हजार 630 बच्चों और 3171 गभर्वती महिलाओं के सापेक्ष 4529 को लाभ दिया गया। तीसरे चरण में दो वर्ष तक के 10 हजार 589 बच्चों और 3044 गर्भवती धात्रियों को टीका लगाया जाएगा। इसमें टीबी, पोलियो, पीलिया, गलाघोंटू, काली खांसी, टिटनेस, हिब, खसरा आदि से बचाव शामिल है। उन्होंने बताया कि सात जून से आगामी सात दिनों तक विभागीय स्तर से कर्मचारी-चिकित्सक टीका लगाएंगे। 1340 स्थान टीकाकरण के लिए चिन्हित किए गए हैं। ड्यूटी में लगाए गए कर्मचारी कार्यक्रम में लापरवाही बरतेंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।