ज्ञानपुर। जनपद के आयुर्वेदिक अस्पतालों में 13 दवाएं खत्म हो गई हैं। नवंबर 2024 के बाद से स्कीन, गठिया और दर्द की दवाएं अस्पतालों में नहीं आई हैं। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। जिले में 26 आयुर्वेदिक अस्पताल है। यहां हर दिन कम से कम दो हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। कुछ अस्पतालों में 40 तो कुछ अस्पतालों में 100 मरीजों की प्रतिदिन ओपीडी होती है। आयुर्वेदिक अस्पतालों में मंडलीय कार्यालय से 75 प्रकार की दवाएं आती हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से दवाइयों की डिमांड की गई है। शासन स्तर से अभी दवाएं भेजी नहीं गई हैं।
मरीजों की पीड़ा
पैर में गुरखुल और एडी में सूजन है। सर्वाइकल की भी समस्या है। राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल देवनाथपूर के डॉक्टर से इलाज करवा रही हूं। अस्पताल में महानारायणी तेल नहीं है। - रंजन सिंह, उचेठा, औराई।
मुझे कई दिनों से घबराहट हो रही है। राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय में डॉक्टर को दिखाया। उन्होंने दवा लिखी लेकिन अस्पताल में नहीं मिली। अब बाहर से खरीदना पड़ेगा।
- श्यामलाल यादव, रजपुरा, भदोही।
दवाओं की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। दो दिन पहले ही मैंने चार्ज लिया है। जल्द ही दवाओं की खरीदारी कर उसे आयुर्वेदिक अस्पतालों पर पहुंचाया जाएगा।
- डॉ. नरेंद्र सिंह, क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी, वाराणसी।