भदोही। इस्लामिक कैलेंडर के आठवें महीने शाबान की 14 तारीख को मनाया जाने वाला शबे बारात इस वर्ष 20 अप्रैल को मनाया जाएगा। मुस्लिम समाज के आस्था के अनुसार शबे बारात की रात गुनाहों से मगफिरत की रात होती है। इस दिन अल्लाह अपने बंदो से की गई दुआ कबूल फरमाता है। उलेमाओं के अनुसार बीते 7 अप्रैल को शाबान महीने के चांद की तस्दीक होने से शबे बारात 20 अप्रैल को मुकर्रर कर दी गई है।
नगर के मदरसा शमसिया तेगिया के प्रिंसिपल मौ.फैसल अशर्फी ने बताया कि शब-ए-बारात दो शब्दों, शब और बारात को जोड़ कर बना है, शब का अर्थ रात और बारात से अर्थ बरी का होता है। यह शाबान महीने के 14वीं तारीख को पड़ता है। मुसलमानों के लिए यह रात बेहद फजीलत की रात मानी जाती है। इस दिन दुनियां भर के मुसलमान दिन-रात अल्लाह की इबादत करते हैं। विशेष रूप से सारी रात अल्लाह से अपने गुनाहों की तौबा करते हैं।
बाजार सरदार खां मस्जिद के पेश इमाम हाफिज तबरेज आलम ने ने बताया कि बीते शबे बारात का इंतजार बेसब्री से होता है। बीते 6 अप्रैल को चांद के तस्दीक के साथ शाबान महीना शुरू हो गया है। शाबान के चाँद की कई उलेमाओं और शहरों से तस्दीक की जा चुकी है। कहा कि शबे बारात की रात अल्लाह अपने बंदो से कहता है कि तुम अपनी नियत दुरुस्त रखो, परेशानियों से बचने के लिए दुआ करो। हलाल रिज्क मांगो। जो पूरी होंगी।