ज्ञानपुर। जिले में एक अप्रैल से शुरू हुए 47 अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय स्कूलों में आचार संहिता लगने से शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी। इससे चार से पांच हजार छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षा विभाग की मानें तो जुलाई से पहले शिक्षकों का चयन कर लिया जाएगा।
सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद 2017 में कान्वेट स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम से संचालित करने की शुरुआत की गई। पहले साल ज्ञानपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय चककलूूटी और प्राथमिक विद्यालय ज्ञानपुर का चयन किया गया। दोनों स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से कक्षाओं का संचालन होने पर छात्र संख्या में इजाफा हुआ। 2018 में दोनों विद्यालयों में 50 से 80 बच्चों की बढ़ोतरी हुई। इसी तरह 2018 में विभाग की ओर से ज्ञानपुर, औ1राई, भदोही, अभोली, सुरियावां और डीघ के कुल 36 विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम से संचालित किया गया। 2019 में 47 विद्यालय चयनित हुए और एक अप्रैल से चलने शुरू हुए, हालांकि अब तक शिक्षकों का चयन नहीं हो सका।
प्राथमिक विद्यालयों में पांच और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में तीन ऐसे शिक्षकों का चयन करना है, जिन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई अंग्रेजी से की है। जिन स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम से संचालित किया जाएगा, वहां के दूसरे शिक्षकों को अन्य स्कूलों में भेजा जाएगा। करीब 200 से अधिक शिक्षकों में 150 शिक्षक स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। अब 50 से 70 शिक्षकों की कमी है। शिक्षकों की कमी से चार से पांच हजार बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने कहा कि शिक्षकों के चयन के लिए विज्ञप्ति जारी की जा चुकी है। ब्लॉकों पर आवेदन भी आ चुके हैं। आचार संहिता खत्म होने पर पदस्थापन के माध्यम से पूरा किया जाएगा।