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इलाज के अभाव में दिव्यांगता का दंश झेल रहा युवराज

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ज्ञानपुर। कुपोषण के नाम पर स्वास्थ्य और बाल विकास महकमे का संयुक्त प्रयास परवान चढ़ता नहीं दिख रहा है। लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण विकास खंड डीघ के दरवांसी गांव का सात वर्षीय बालक युवराज है। वह कुपोषण के चलते गंभीर बीमारियों से घिर गया है।
युवराज कोरी के पिता संतलाल कोरी और माता संगीता देवी ने बताया कि जन्म के समय वह काफी स्वस्थ था। धीरे-धीरे कुपोषण की जद में आकर गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो गया। अब स्थिति यह है कि युवराज चारपाई से उठ तक नहीं पाता। इस बीच उसका उपचार कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीघ, जिला अस्पताल एवं आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से भागदौड़ की गई, लेकिन, हालत में सुधार के बजाए वह पूरी तरह दिव्यांग होकर मां-बाप पर आश्रित हो गया। मां संगीता दोनों विभागों की लचर कार्यप्रणाली को कोसते हुए कहती हैं कि यदि विभागीय स्तर से गंभीरता बरती गई होती तो आज वह अन्य बच्चों की तरह होता। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक के चिकित्सक उसे ठीक नहीं होने की दुहाई देकर लौटाते रहे। थक-हार संगीता उसी हालत में अपने बेटे के पालन-पोषण में इस उम्मीद से लगी है कि हो न हो ईश्वरीय कृपा से किसी दिन युवराज स्वस्थ हो जाए।
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फर्जी आंकड़ों पर वाहवाही लूट रहे विजिटर
ज्ञानपुर। गत दिनों कुपोषण के शिकार होने वाले बच्चों और उनके उपचार के नाम पर हेल्थ विजिटर की ओर से पेश आंकड़ों पर भी सवाल उठ रहे हैं। माना जा रहा है कि वास्तविकता के आधार पर संख्या और उपचार कराया गया होता तो जनपद के अन्य ‘युवराज’ कुपोषित होकर विभागीय सुविधाओं के मोहताज न रहते।
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क्या कहते हैं कि सीएचसी प्रभारी
वहिदानगर। मामले को लेकर जब सीएमओ डॉ. एसवीएस लक्ष्मी से जानकारी चाही गई तो उनका फोन नहीं उठ सका। उधर सीएचसी डीघ के प्रभारी डॉ. गुलाबशंकर से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि मामला गंभीर है। स्वयं के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच की जाएगी। यदि युवराज बीमारी से ग्रसित है तो उसका हरसंभव इलाज कराया जाएगा।
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