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भदोही और गोपीगंज में ट्रेन यातायात लड़खड़ाई

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भदोही/गोपीगंज। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगाया है। जिले से होकर गुजरने वाले दोनों रेलखंडों वाराणसी-प्रतापगढ़ और वाराणसी-प्रयागराज पर तमाम प्रमुख ट्रेनें शुक्रवार को घंटों विलंब से चलीं। दिल्ली रूट की गाड़ियों की हालत काफी खराब रही। कड़ाके की ठंड में स्टेशनों पर ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
जनपद के दोनों रेलखंडों पर ट्रेनों के परिचालन पर कोहरा और ठंड का तगड़ा असर पड़ा है। जिले के ज्ञानपुर रोड और भदोही रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के इंतजार के लिए खास इंतजाम नहीं हैं। ज्ञानपुर रोड स्टेशन से गुजरने वाली 11062 दरभंगा-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस शुक्रवार को सुबह नौ घंटे विलंब से पहुंची, जबकि 12333 हावड़ा-प्रयागराज विभूति एक्सप्रेस पांच घंटे देरी से चली। भदोही स्टेशन पर भी आधा दर्जन से अधिक ट्रेनों के देरी से चलीं। भदोही रेलखंड पर चलने वाली जनता एक्सप्रेस वाराणसी लखनऊ वीएल का परिचालन दो माह के लिए रद कर दिया गया था। इससे भदोही वाराणसी के दैनिक यात्रियों को भारी दुश्वारी का सामना करना पड़ रहा है।
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ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर लोकमान्य तिलक ट्रेन का इंतजार कर रहे कृष्णा प्रसाद ने कहा कि परिवार के साथ स्टेशन पर घंटों गुजार पाना आसान नहीं है। उधर भदोही स्टेशन पर दो दैनिक सवारी गाड़ियों को रद करने पर भी यात्रियों में व्यापक प्रतिक्रिया हो रही है। नगर के घमहापुर के शाहनवाज पप्पी ने कहा कि दूसरे तीसरे दिन वाराणसी जाना होता है। लेकिन, जो मुख्य विकल्प हैं, उन्हें खत्म कर दिया गया है। ऐसे में वाराणसी जाना और वहां से लौटना भारी समस्या बन गई है। भदोही स्टेशन पर अमृतसर - हावड़ा पंजाब मेल तीन घंटे लेट रही। इसी प्रकार काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस, हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल एक्सप्रेस, आनंद विहार पुरी नीलांचल एक्सप्रेस के दो से तीन घंटे विलंब से चलने से यात्रियों की भारी फजीहत हुई। रेलयात्रियों ने पूछताछ काउंटर को और सुदृढ़ करने की मांग की है।
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स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्रियों का कहना है कि घर पर होकर लोग ठंड से बचाव कर लेते हैं, लेकिन इस हाल में रेलयात्रा करना दुखदायी हो जाता है। रेलयात्रियों का कहना है कि रेलवे की ऑनलाइन ट्रेन ट्रैकिंग पर बहुत भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि सही सूचना के अभाव में अक्सर ट्रेनें छूट जाती हैं। इसके चलते लोग सही समय पर स्टेशन आ जाते हैं तब पता चलता है कि ट्रेन घंटों लेट है।
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