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सलाखों के पीछे से करेंगें उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला

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ज्ञानपुर। लोकतंत्र के महापर्व में उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला इस बार सलाखों के पीछे रहने वाले बंदी भी कर सकेंगें। जिससे दूर दराज की जेलों में बंद विचाराधीन कैदियों को पोस्टल बैलेट के जरिए वोट देने का मौका मिलेगा। इस संबंध में निर्वाचन आयोग का फरमान मिलने के बाद प्रशासनिक महकमा कैदियों के पसंदीदा उम्मीदवारों तक तक उनका मताधिकार पूरा कराने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
अपराध में संलिप्तता के कारण दूर-दराज की जेलों में बंद विचाराधीन कैदियों को भी लोकतंत्र के महापर्व में अपनी पसंदीदा सरकार बनाने का मौका मिलेगा। इस संबंध में चुनाव आयोग की ओर से पोस्टल बैलेट के जरिए कैदियों का मतदान कराने का निर्देश जारी किया जा चुका है। बता दें की जनपद के कई कैदी पड़ोसी जिला समेत अन्य जनपद के कारागार में बंद हैं।
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एडीएम रामसिंह वर्मा ने बताया कि संबंधित जेल अधीक्षकों को पत्र भेजकर उनकी जेलों में बंद जिले के कैदियों की निर्धारित प्रारूप के आधार पर सूचना मांगी गई है। जिसके तहत नाम वापसी से पहले संबंधित जेल प्रशासन को जिले के बंदी मतदाता और उसके पिता का नाम, निवास स्थान, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की संख्या और नाम, निर्वाचक नामावली की भाग संख्या और क्रमांक के बारे में निर्धारित समय के अंदर पूरी जानकारी निर्वाचन कार्यालय को देने के लिए कहा गया है। जेल से कैदियों का ब्योरा मिलने के बाद निर्वाचन कार्यालय की ओर से पोस्टल बैलेट भेजकर कैदियों का मतदान कराया जाएगा। विभाग अभी मतदाताओं की संख्या जुटाने में लगा है, हालांकि यह आंकड़ा 20 से 25 तक हो सकता है।
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