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घूसखोरी की भेंट चढ़ी किसान सम्मान निधि योजना

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ज्ञानपुर/लालानगर। कोतवाली क्षेत्र के सरईमिश्रानी गांव में किसान सम्मान निधि योजना की फीडिंग के नाम पर लेखपाल की ओर से किसानों से सुविधा शुल्क मांगने का वीडियो वायरल हुआ है। इसके बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने लेखपाल को अविलंब निलंबित करने की मांग की।
किसानों का कहना था कि एक ओर केंद्र सरकार किसानों की माली हालत सुधारने के लिए योजनाएं तो चला रही है तो दूसरी ओर कृषि विभाग, उद्यान विभाग के साथ-साथ भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे राजस्व विभाग के कर्मचारी अवैध वसूली में संलिप्त होकर योजनाओं को सफल नहीं होने दे रहे हैं। अतुल दुबे, हरिगेन बिंद, सतीश, जगजीवन आदि ने अवैध वसूली कर रहे लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग जिलाधिकारी से की है। एडीएम राम सिंह वर्मा ने कहा कि वीडियो उनके पास आया है। उसकी जांच कर लेखपाल पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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गौरतलब है कि सरईमिश्रानी गांव में एक लेखपाल की ओर से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसान से फीडिंग के लिए पैसे मांगने का वीडियो वायरल होने से साफ लग रहा है कि कहीं न कहीं गड़बड़ी हो रही है। माह भर के अंदर रिश्वत मांगने के मामले में तीसरे लेखपाल का वीडियो वायरल हो चुका है। पूर्व में दो वीडियो वायरल होने पर दोनों लेखपाल निलंबित हो चुके है। अब तीसरे प्रकरण ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यहां भी किसानों से फीडिंग के लिए चढ़ावे की मांग करने का आरोप लेखपाल पर लगा है। लेखपालों की मनमानी से पात्र किसानों को योजना का लाभ मिलने पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है।
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विडंबना ही है कि भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह जिस लोकसभा सीट से सांसद हैं, वहां केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना किसान सम्मान निधि की बुरी गत हो रही है। योजना का लाभ देने के लिए लेखपाल किसानों से खुलेआम जेबखर्च मांग रहे हैं। इसका एक और वीडियो वायरल हो गया है। लघु एवं सीमांत किसानों को खेतीबाड़ी के लिए केंद्र सरकार ने सालाना छह हजार देने की घोषणा बजट में की थी। पहले चरण में दो-दो हजार रुपये किसानों के खाते में भेजने की कवायद शुरू हुई। करीब 20 दिनों के अंदर जिले में एक लाख से अधिक किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपये भेजे गए। जबकि 20 हजार से अधिक किसानों के खाते में तकनीकी खामियों से राशि नहीं पहुंच सकी। आशंका जताई जा रही है कि फीडिंग के दौरान लेखपालों ने जिन किसानों ने हाथ नहीं गरम किया, उनकी फीडिंग में लापरवाही कर दी। किसानों की खाता संख्या, आधार नंबर में मामूली गड़बड़ी से भी किसानों के खाते में अब तक पैसा नहीं पहुंच सका। पूर्व में दो वीडियो में रिश्वत मांगने की बात सामने आने पर दोनों लेखपाल को निलंबित किया गया था, अब तीसरा वीडियो सरईमिश्रानी गांव का वायरल हुआ है।
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