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पीएम के मिशन का बंटाधार कर रहे सेक्रेटरी

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ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सत्यापन का सेक्रेटरी बंटाधार कर रहे हैं। शासन-प्रशासन के सख्त निर्देश के बाद भी सेक्रेटरी सत्यापन कार्य में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इससे योजना के तहत किसानों के खाते में समय से दो हजार की पहली किस्त पहुंच पाना मुश्किल दिख रहा है।
अंतरिम बजट में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लागू किया। इस योजना में दो हेक्टेयर से कम जमीन वाले किसानों को सालाना छह हजार देने का प्रावधान है। मार्च के पहले पखवाड़े से किसानों के खाते में पहली किस्त के रूप में दो हजार रुपये भेजे जाएंगे। योजना में सात से 10 फरवरी तक सत्यापन पूर्ण कर रिपोर्ट दी जानी थी। बावजूद इसके ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी योजना के सत्यापन में जरूरत के मुताबिक दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इससे योजना के तहत किसानों को पहली किस्त मिलने में देरी हो सकती है। एक नोडल अधिकारी की मानें तो लेखपाल गांवों में सत्यापन का कार्य शुरू कर चुके हैं, लेकिन सेक्रेटरी इस काम को नजरअंदाज कर रहे हैं। सेक्रेटरी अगर उदासीन रहे तो 20 फरवरी तक सत्यापन पूर्ण हो पाना मुश्किल दिख रहा है। नोडल अधिकारी ने बताया कि सेक्रेटरी और वीडीओ की ओर से की जा रही उदासीनता के लिए आला अधिकारियों से शिकायत की गई है। बताते चलें कि जिले में एक लाख 87 हजार पंजीकृत किसानों में से एक लाख 75 हजार किसान योजना का लाभ पाने के दायरे में आ रहे हैं। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि सेक्रेटरी और वीडीओ की उदासीनता से सत्यापन प्रभावित हो रहा है। आला अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
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खसरा-खतौनी के लिए तहसीलों पर उमड़ी भीड़
ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में खसरा-खतौनी की अनिवार्यता ने तहसीलों पर किसानों की भीड़ बढ़ गई है। सोमवार को ज्ञानपुर, औराई और भदोही तहसील में खसरा-खतौनी के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। खतौनी पाने के लिए काउंटर पर धक्कामुक्की होती रही। मो. नसीम, मो. अनीस, राम दुलार, राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि सहज जन सेवा केंद्र से मिलने वाली खतौनी को लेखपाल नहीं मान रहे हैं, जिससे उन्हें तहसील पर आना पड़ा। तहसीलदार ज्ञानपुर सुनील कुमार ने कहा कि सभी खसरा-खतौनी मान्य होंगे। जो लेखपाल सहज जन सेवा केंद्रों से मिली खसरा-खतौनी को लेने से इंकार करें, उनकी शिकायत करें।
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