ज्ञानपुर। कामकाज सुधारने के सरकारी प्रयासों को मातहत ही धता बता दे रहे हैं। इसकी बानगी शुक्रवार को ज्ञानपुर ब्लॉक कार्यालय में देखने को मिली। दिन के लगभग 11.30 बजे कार्यालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। न कोई बाबू और ना ही कोई अधिकारी। काम के सिलसिले में ब्लॉक पहुंचे लोग इधर-उधर भटकते दिखे।
जिले के आला अधिकारी जनता दर्शन के समय कार्यालयों में मौजूद रहते हैं, लेकिन यहां यह रीति भी नहीं है। ब्लॉक के अधिकारी भी अक्सर गायब रहते हैं। पूछने पर बताया जाता है कि साहब मीटिंग में हैं। यही वजह है कि कार्यालय में बाबू सहित अन्य स्टॉफ भी समय से कार्यालय में उपस्थित नहीं रहता। कई गांव में अब तक सरकार से संचालित योजना के अंतर्गत शौचालयों का निर्माण अधूरा है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि समस्याओं को सुनने वाला यहां कोई नहीं है। एक बाबू के सहारे कार्यालय चलाया जा रहा है। बाकी कर्मचारी अनुपस्थित रहते हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि ज्ञानपुर विकास खंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया जाए तो असलियत सामने आ जाएगी। कार्यालय परिसर में कर्मचारियों की बाइक खड़ी रहती है और कार्यालय को ही स्टैंड बना दिया गया है।