ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विशेष न्यायालय ने दलित छात्रा को स्कूल से बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में दोषी युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। गत वर्ष अप्रैल में हुई इस घटना में दोनों पक्षों को सुनने के बाद शुक्रवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया।
दुर्गागंज थानाक्षेत्र के एक गांव की 12वीं की छात्रा 19 अप्रैल 2017 को परीक्षा देने दुर्गागंज इंटरमीडिएट कॉलेज गई थी। थानाक्षेत्र के चौर बौरीबोझ गांव निवासी रैना बिंद पुत्र तेज बहादुर उसे बहला-फुसलाकर स्कूल से भगा ले गया। छात्रा के परिजनों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद छात्रा के पिता ने दुर्गागंज थाने की पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने 24 अप्रैल को आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 376 और एससीएसटी एक्ट आदि धाराओं में केस दर्ज किया। मामला कोर्ट में पहुंचा तो विशेष न्यायाधीश अपर सत्र न्यायालय प्रथम संजय कुमार डे ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद आरोपी को धारा 376 और लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। जबकि दलित छात्रा को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कारावास भुगतनी पड़ेगी। अभियोजन पक्ष से बहस पैरवी एडीजीसी विकास नारायण सिंह ने की।