ज्ञानपुर। अस्पतालों में बढ़ते मरीज और जरूरत के अनुसार संसाधनों का अभाव होने से बड़ी संख्या में मरीज प्रयागराज और वाराणसी रेफर हो रहे हैं। जिले के दो बड़े अस्पतालों में बीते 14 महीनों में 1113 मरीज रेफर किए गए हैं। इसमें 90 फीसदी मरीज वाराणसी, दो से तीन फीसदी मरीज मिर्जापुर और और पांच से सात फीसदी मरीज प्रयागराज रेफर किए गए हैं। जिला अस्पताल में 767 और एमबीएस में 346 मरीजों को रेफर किया गया है।
जिले के अस्पतालों में पहले की अपेक्षा संसाधन बढ़े हैं। जिसका मरीजों को लाभ मिला है। हालांकि अब भी गंभीर मरीजों के उपचार को लेकर पर्याप्त संसाधन जिले में नहीं हो सके हैं। जिसके कारण हर माह बड़ी संख्या में मरीजों को रेफर किया जाता है। खासकर सड़क दुर्घटना के 90 फीसदी मरीज रेफर होते हैं। मार्च 2024 ये 16 मई 2025 तक जिला अस्पताल से 767 और एमबीएस से 346 मरीज रेफर हुए हैं। ये मरीज मरीज एंबुलेंस से वाराणसी-प्रयागराज रेफर किए गए हैं। जिला अस्पताल में अब भी आईसीयू व सीआर्म मशीन की व्यवस्था नहीं है। सड़क दुर्घटना में घायल मरीज को तत्काल पर्याप्त इलाज और गंभीर स्थिति में ऑपरेशन की भी जरुरत पड़ती है। हड्डी का ऑपरेशन तभी संभव है, जब सीआर्म मशीन की उपलब्धता हो। इसके अलावा गंभीर मरीजों को आईसीयू की जरुरत पड़ती है। इस तरह के संसाधन न होने के कारण चिकित्सकों के पास रेफर करने के अलावा कोई चारा नहीं होता।
इनसेट:
प्रसव पीड़िताओं को मिर्जापुर किया जाता है रेफर
जिले के दोनों अस्पताल में करीब 1700 से 1800 की ओपीडी होती है। वहीं 100 के करीब इमजरेंसी होती है। ज्यादातार मरीज सड़क दुर्घटना के होते हैं। 90 फीसदी मरीज को वाराणसी बीएचयू रेफर किया जाता है। इसके अलावा दो से तीन फीसदी मरीजों को मिर्जापुर रेफर किया जाता है। इसमें अधिकतर प्रसूताएं शामिल होती हैं। वहीं प्रयागराज करीब पांच से सात फीसदी मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। रेफर होने की दशा में कई बार मरीज रास्ते में ले जाते ही दम तोड़ देते हैं। गंभीर अवस्था वाले मरीजों को जिले में उपचार न मिलने से मरीज और तीमारदार दोनों परेशान होते हैं।
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वर्जन:
अस्पताल में मरीजों का बेहतर उपचार किया जाता है। गंभीर केस होने पर मरीज को वाराणसी, प्रयागराज रेफर किया जाता है। मार्च 2024 से 16 मई तक जिला अस्पताल से करीब 767 मरीज रेफर किए जा चुके हैं।
डॉ. अजय तिवारी, सीएमएस ज्ञानपुर जिला अस्पताल