ऊंज। जनपद के नौ केंद्रों पर पुलिस आरक्षी परीक्षा कराने के लिए भले ही पुलिस और प्रशासनिक अमले ने चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था का दंभ भरा हो, लेकिन परीक्षा केंद्रों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों की हालत परीक्षार्थियों के लिए पहाड़ साबित होता रहा। इसकी बानगी डीघ विकास खंड के सूफीनगर-गोधना स्थित परीक्षा केंद्र पर देखने को मिला। वहां पहुंचने वाले परीक्षार्थी फिसलते गिरते, घायल होते परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। साथ ही स्थानीय रहवासियों के घरों, दुकान की सीढ़ियों और दरवाजों तक दस्तक देकर समय काटते दिखे।
परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों को लेकर एक सप्ताह पहले से ही पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने केंद्र प्रभारियों को हर तरह की सुविधाओं से सुसज्जित होकर दो दिवसीय परीक्षा संपन्न कराने की हिदायत देते हुए स्थलीय निरीक्षण किया था। बावजूद इसके परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों को जोड़ने वाले मार्गों के कीचड़ और गड्ढों के बीच से होकर गुजरना विवशता बनी रही। इतना ही नहीं नगरीय एवं शहरीय क्षेत्रों की अपेक्षा इस बार ग्रामीण अंचलों में संचालित स्कूल और कालेजों को वरीयता देकर परीक्षाएं कराना जाम की समस्या से बचने के उपाय थे, लेकिन दूरदराज क्षेत्रों से आए परीक्षार्थी ग्रामीण संपर्क मार्गों की दुर्दशा के चलते काफी परेशान नजर आए।
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जमकर चली दुकानदारी
वहिदानगर। दो पालियों में दो दिन तक चली पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों को केंद्रों तक पहुंचने समेत अन्य दुर्व्यवस्था का सामना करना पड़ा, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों के आसपास के दुकानदारों की चांदी कटती रही। दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ होने से सुबह से शाम तक जमकर दुकानदारी चली। साथ ही तिराहे और चौराहों के अलावा राजमार्ग भी परीक्षार्थियों से गुलजार रहे।