भदोही। किसानों के उत्पीड़न और गरीब मजदूरों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी कार्यकर्ताओं ने तहसील प्रांगण में धरना देकर सभा की। सभा के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित 13 सूत्रीय मांगपत्र एसडीएम यमुनाधर चौहान को सौंप कर आंदोलन समाप्त किया। सभा में प्रदेश अध्यक्ष असर्फी सिंह परस्ते ने कहा कि भाजपा के राज में सरकारी अधिकारी और कर्मचारी निरंकुश हो गए हैं। अधिकारी गोंड समुदाय के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। शिकायत पर सुनवाई नहीं होती जिससे अधिकारियों का मनोबल बढ़ रहा है।
उन्होने कहा कि गोंड समाज के लोगों के प्रमाण पत्रों और संवैधानिक अधिकारों से सुनियोजित ढंग से छेड़छाड़ किया जा रहा है। कहा कि इसका प्रत्यक्ष उदाहरण भदोही तहसील ने दिया है जहां निर्गत प्रमाण पत्र को निरस्त किया गया। मांगपत्र पर चर्चा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि तीनो तहसीलों में माननीय उच्च न्यायालय व शासनादेश के क्रम में गोंड उपजाति सहित अनुसूचित जाति प्रमाण पत्रों को अनाधिकृत रुप से निरस्त कराने पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही कहा कि गोंड आदिवासी सामुदाय को संविधान में मिले अधिकारों से वंचित करने वाले पूर्वाग्रह से ग्रस्त तहसील अधिकारियों को निलंबित किया जाए।
सभा में बिहार के तर्ज पर गुटखा, मदिरा, बीड़ी सिगरेट, गांजा आदि के सेवन व बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार गोंड ने की। मुख्य रूप से श्यामलाल गोंड, रमापति, लखनलाल, रमेश कुमार, हरिनाथ, रामजीत, मेवालाल, उमाशंकर, वंदना गोड़, वीरबहादुर, रंगलाल, सत्यनारायण, सुमन गोंड, ज्ञानधर गोंड आदि शामिल रहे।