ज्ञानपुर (भदोही)।
नगर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क में रविवार की रात कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें दूरदराज से आए कवियों ने एक से बढ़कर रचनाएं सुनाकर लोगों का खूब मनोरंजन किया। वीर रस के साथ हास्य व्यंग्य और गीत-गजल में डूबी शाम का मजा लोगों ने जी भरकर लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वाराणसी से आईं विभा शुक्ला ने सरस्वती वंदना से की। इसके बाद, उन्होंने -फिर वही है रात आई और सजी महफिल है, ज्ञानपुर को मेरी फिर से याद आई है...पढ़कर खुद को श्रोताओं से जोड़ने की कोशिश की। संचालन कर रहे डॉ. कृष्णावतार त्रिपाठी राही ने पढ़ा- गिरा दे मंत्रिमंडल को उसे षड्यंत्र कहते हैं, जहां जनता करे फांके उसे जनतंत्र कहते हैं...। इस पर खूब तालियां बजीं। बिहार से आए शंकर कैमूरी ने वीर रस की कविताओं को ओजपूर्ण अंदाज में सुनाकर कवि सम्मेलन को नई ऊंचाइयां दीं। उन्होंने पढ़ा-जब सवाल आएगा देश की आन पर, मोम के जिस्म लोहे में ढल जाएंगे...। प्रतापगढ़ से आए हास्य व्यंग्य के कवि दिनेश सिंह ‘भुक्कल’ ने एक से बढ़कर रचनाएं सुनाकर लोगों हो हंसाकर लोटपोट कर दिया। वाराणसी से आए नागेश शांडिल्य, धर्म प्रकाश मिश्र के अलावा स्थानीय कवयित्री प्रतिमा शर्मा, ऋचा सिंह ने भी अपनी रचनाएं सुनाकर वाहवाही लूटी। इस मौके पर भरत मिलाप कमेटी के संरक्षक ब्रह्मजीत शुक्ला और तेगा सिंह को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम संयोजक आशुतोष पांडेय ने कवियों और अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष हौसिला प्रसाद पाठक, नागेंद्र सिंह, रामलीला समिति के अध्यक्ष कैलाशनाथ शुक्ला आदि मौजूद रहे।