श्रम विभाग और एएचटीयू की टीम ने बुधवार को भदोही के एक कालीन बुनाई केंद्र से 10 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया। कालीन बुनाई केंद्र में बच्चे कालीन बुनकरों के हेल्पर के तौर पर बाल श्रम करते मिले थे। टीम ने सभी बाल श्रमिकों को सीडब्ल्यूसी चेयरमैन पीसी उपाध्याय की न्यायालय में पेश किया। जहां सभी बच्चों के मेडिकल परीक्षण और केंद्र के संचालक पर मुकदमा दर्ज कराए जाने का निर्देश दिया गया।
श्रम विभाग को शिकायत मिली कि भदोही के कुछ कंपनियों में नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है। शिकायत मिलने के बाद श्रम विभाग के साथ एएचटीयू पुलिस की टीम ने कस्बे में रेस्क्यू अभियान चलाया। अभियान के दौरान टीम जल्लापुर, आलमपुर कालीन बुलाई केंद्र पहुंची।
टीम को कंपनी में आठ से 10 साल के कुल 10 बच्चे कालीन बुनकरों के हेल्पर के रूप में काम करते मिले। टीम ने तत्काल सभी बच्चों को मुक्त कराया और उन्हें बाल कल्याण समिति के न्यायालय में पेश किया। सीडब्ल्यूसी चेयरमैन पीसी उपाध्याय ने बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण का निर्देश दिया। इसके साथ ही बुनाई केंद्र के संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया।