प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 11वीं किस्त का इंतजार खत्म हो गया है। सोमवार को 1.50 लाख किसानों का पोर्टल कृषि विभाग ने लॉक कर दिया। ई-केवाईसी नहीं कराने से 76 हजार किसानों की सम्मान निधि फिलहाल नहीं आएगी। किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपये की राशि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बटन दबाते ही पहुंचनी शुरू हो जाएगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पहली किस्त दिसंबर 2019 में जारी हुई थी। शुरूआती दौर में जिले में 1.71 लाख किसानों को योजना का लाभ मिला था। इसके बाद से किसानों की संख्या लगातार बढ़ती गई। वर्तमान में जिले के 2,26,280 किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है। भारत सरकार की ओर से सख्त हिदायत के बाद भी ई-केवाईसी कराने को लेकर किसान उदासीन हैं। बीते 31 मार्च तक बड़ी संख्या में किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई। इसके बाद इसकी तिथि 30 मई तक बढ़ा दी गई। दो माह होने को हैं, लेकिन अब भी डेढ़ लाख किसान ही ई-केवाईसी करा सके हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बटन दबाकर 11वीं किस्त की रकम जारी करेंगे। उप निदेशक कृषि अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि ई- केवाईसी कराना अनिवार्य हो गया है। 30 मई तक ई-केवाईसी कराने वाले किसान ही सम्मान निधि का लाभ पा सकेंगे। उन्होंने बताया कि अब भी 76 हजार किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। उन्होंने बताया कि सरकार 31 मई को ई-केवाईसी कराने वाले किसानों को ही 11वीं किस्त भेजेगी। सरकार यह मान लेगी कि जो किसान 31 मई तक ई-केवाईसी नहीं कराएंगे, वह पात्रता की श्रेणी में नहीं आएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि 11वीं किस्त भेजने के बाद सरकार किसानों की डाटा मांगेगी। अगर 10 जून तक भी सभी किसान ई-केवाईसी करा लेंगे तो उन्हें भी सम्मान निधि मिल जाएगी, लेकिन अगर नहीं कराएंगे तो सरकार उनकी निधि रोक देगी।