विस्फोटक होती जा रही जनसंख्या वृद्घि से कालीन नगरी भी अछूती नहीं है। जागरुकता की कमी से जनसंख्या नियंत्रण के उपाय कारगर नहीं हो पा रहे हैं। दो फीसदी की दर से हर साल 30 हजार जनसंख्या बढ़ रही है जबकि लिंगानुपात की खाई भी बढ़ रही है। एक हजार पुरुषों के सापेक्ष 958 महिलाएं जनपद में हैं। वर्तमान में जिले की आबादी अनुमानत: 17 लाख है। जबकि 2011 की जनगणना में जिले की आबादी 15 लाख 78 हजार रही। जनसंख्या नियंत्रण के लिए भले ही दावे किए जाएं,लेकिन प्रभावी ढंग से नियंत्रण के उपाय आम जनता के दिमाग पर असर नहीं डाल पा रहे है।
जनसंख्या नियंत्रण के संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.डीके सोनकर ने बताया कि विभाग से परिवार नियोजन कार्यक्रम चलाया जाता है, जो जनसंख्या नियंत्रण का रूप है। इसमें पुरूष नसबंदी, महिला नसबंदी की व्यवस्था है, गर्भधारण रोकने के लिए प्रसव बाद कॉपर टी लगाई जाती है।
अब टीपीआईयूसीडी प्रोग्राम लागू किया है, जो कॉपर टी से अपग्रेड है, इसे प्रसव के 48 घंटे के अंदर लगाया जाता है। जो महिलाओं की सुरक्षित गर्भ निरोधक है। बताया कि 30 फीसदी महिलाओं को अनिवार्य रूप से लगाने का प्रयास रहता है।