इसी दुकान पर जाकिर काटता था बाल- संवाद
गौर। थाना क्षेत्र के सिंगही गांव में सुभाष बनकर रह रहे कौशांबी निवासी जाकिर प्रकरण ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। रविवार को खुफिया विभाग (इंटेलीजेंस) की टीम गांव पहुंची और परिजनों से घंटों तक पूछताछ कर हकीकत जानने की कोशिश की। ग्रामीण दूर खड़े सारा घटनाक्रम देखते रहे। जिस सैलून में जाकिर काम करता था, तीसरे दिन रविवार को उसका शटर खुला। संचालक ने खुफिया टीम को बताया कि उसे कभी शक नहीं हुआ। उसने उसे सिंगही का स्थानीय युवक समझकर काम पर रखा था। संचालक के अनुसार, जाकिर ने खुद को अनाथ और गरीब बताकर सहानुभूति भी हासिल की थी।
गौर थानाक्षेत्र के सिंगही गांव में पिछले दिनों जाकिर नामक युवक को लेकर बड़ा खुलासा हुआ था। बताया गया कि वह लंबे समय से अपना नाम ‘सुभाष’ बताकर गांव में रह रहा था। नाई की दुकान पर कारीगर के रूप में काम करते हुए उसने एक परिवार का भरोसा जीत लिया था। जब उसकी असली पहचान उजागर हुई तो आसपास के इलाकों में खलबली मच गई। मगर उस परिवार के लोग अब भी जाकिर की तरफदारी कर रहे हैं। पुलिस और खुफिया विभाग ने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया और उसके सभी संपर्कों की छानबीन शुरू कर दी।
गांव के लोग दबी ज़ुबान कह रहे हैं कि जाकिर का रहन-सहन स्थानीय लोगों से बिल्कुल अलग था। उसकी आदतों को लेकर अक्सर सवाल उठते थे, लेकिन किसी ने खुलकर विरोध नहीं किया। घटना के बाद से ग्रामीणों में डर और असमंजस का माहौल है। कई लोग इसे बड़े नेटवर्क से जोड़कर देख रहे हैं।
खुफिया विभाग ने जाकिर के रहने के तौर-तरीके, बाहर के संपर्क और गांव में आने-जाने वालों की जानकारी जुटाई। उसके मोबाइल कॉल डिटेल और बैंक लेन-देन की भी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उसकी गतिविधियों को खंगाला जा रहा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्थिति साफ होगी। सीओ संजय सिंह ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जाकिर ने क्यों और किस मंशा से नाम बदलकर गांव में रहना शुरू किया, इस पर से परदा उठना बाकी है। फिलहाल किसी भी संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।