फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: आसान कमाई के लिए तस्करी की राह पर युवा

Mon, 23 Dec 2024 11:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

बस्ती। बिना मेहनत अच्छी-खासी कमाई की लालच में नए उम्र के युवा भी पशु तस्करी के धंधे में कूद पड़े हैं। ये अपने शौक पूरा करने के लिए धड़ल्ले से पशुओं को इधर से उधर करने में लगे हैं। बताया जा रहा है कि पशुओें को बिहार, पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजने वाले तस्करों के तार यहां के तस्करों से जुड़े हैं।
पिछले दिनों में पकड़े गए पशु तस्करों में ज्यादातर पशुओं को बिहार ले जाने वाले निकले। इस कमाई से घर-परिवार चलाने से ज्यादा अपने महंगे जूते, मोबाइल, शराब आदि के लिए रकम जुटाने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
विज्ञापन

छावनी में रविवार को पुलिस ने गोवंशीय पशुओं से भरा पिकअप पकड़ा था। तीन पशु तस्कर भी पकड़े गए थे। गिरोह के सरगना फारुख निवासी शेखपुर थाना रौनाही अयोध्या हाल-मुकाम गभौरा थाना उमरी बेगम गोंडा, राजेश निवासी परियहवा थाना तरबगंज गोंडा, लक्ष्मन गौतम निवासी लालेपुर थाना उमरी बेगम गोंडा शामिल थे।
पुलिस पूछताछ में तीनों ने बताया था कि वे अपने शौक पूरा करने के लिए यह धंधा करते हैं। वे बताते हैं कि बिहार पहुंचाने पर एक पशु पर पांच से आठ हजार रुपये बच जाते हैं। फारुख ने बताया था कि वह किसानों से सस्ते दाम पर पशु खरीदता था। मगर, पुलिस का कहना है कि वे लोग छुट्टा पशुओं को भी लाद लेते हैं।
बताया कि गांव-गांव में इनके एजेंट सेट हैं, जो छुट्टा पशुओं को बांधकर सूचना देते हैं। यह मुखबिरी भी करते हैं कि किसके दरवाजे पर मवेशी बंघा हुआ है और कैसे उस तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। 15 दिन पहले परशुरामपुर थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने पशुओं को लादते समय पिकअप का पीछा भी किया था। हालांकि, तस्कर भागने में कामयाब हो गए थे।
अक्सर चोरी होते हैं मवेशी,गायब हो रहे छुट्टा पशु ः दरवाजे के सामने बंधे मवेशियों की चोरी भी धड़ल्ले से हो रही है। पिछले दिनों कप्तानगंज थाना क्षेत्र से गोवंशीय पशु चोरी हो गए थे।
नगर थाना क्षेत्र के खजुरिया श्रीनेत गांव में गत रविवार की रात दरवाजे के सामने बंधी तीन भैंस पिकअप पर चोर लाद ले गए। आहट पाकर पशु पालक ने पीछा किया। मगर, वे तेजी से वाहन लेकर भाग गए। तत्काल इसकी सूचना डायल 112 पर दी गई। सूचना पाकर मौके पर पुलिस पहुंची और पूछताछ कर लौट गई।
मुर्गे-मुर्गियों तक की लूट ः पशु तस्करों का मनोबल इतना ऊंचा है कि उन्हें अगर पशु नहीं मिलते हैं तो वे मुर्गा-मुर्गी तक लूट लेते हैं। चार जून की रात करीब 1:30 बजे विक्रमजोत और छावनी के बीच स्थित पेट्रोल पंप से मुर्गे लदे हुए एक पिकअप को बदमाशों ने लूट लिया था।
विज्ञापन

बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि सात जून की रात भी वैसी ही एक और घटना छावनी क्षेत्र के राम जानकी तिराहे के पास घटित कर दी। हालांकि, दोनों मामलों में शामिल बदमाश पकड़े गए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें