मृतक सुद्धू चौधरी के रोते-बिलखते परिजन स्रोत पुलिस
दुबौलिया(बस्ती)। थाना क्षेत्र के बरुआ बाबा अजगरा स्थित मनोरमा नदी के घाट पर मंगलवार देर शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के बाद स्नान करते समय 22 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। तेज बहाव में बहने के बाद युवक लापता हो गया था। पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की मदद से उसे नदी से बाहर निकाला गया। परिजन उसे सीएचसी कलवारी ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां ने फंदा लगाकर खुदकुशी की कोशिश की। लोगों की सूझबूझ से उन्हें रोक लिया गया।
पुलिस के अनुसार, सरवनपुर पांडेय गांव के तिनपेड़िया निवासी सुद्धू चौधरी (22) मंगलवार रात करीब आठ बजे बरुआ बाबा अजगरा घाट पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के बाद संजय चौधरी और अखिलेश चौधरी के साथ मनोरमा नदी में स्नान करने लगा। इसी दौरान वह तेज बहाव की चपेट में आकर डूबने लगा और देखते ही देखते लापता हो गया। सूचना पर पहुंची दुबौलिया पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश कराई। नदी से बाहर निकालकर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष जीवन त्रिपाठी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई होगी। अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है।
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इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सुद्धू अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां अनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे को खोने के सदमे में उन्होंने कमरे में बंद होकर फांसी लगाने का प्रयास किया। खिड़की से देख रहीं महिलाओं ने तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें बचा लिया। बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर गांव के लोग उनके घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। इकलौते बेटे की मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
बिना रोशनी के हो रहा था मूर्ति विसर्जन
कप्तानगंज। दुबौलिया थाना क्षेत्र के परखती घाट बरुआ बाबा मंदिर पर बीती रात मूर्ति विसर्जन के दौरान नदी में डूबने से सुद्धू चौधरी की मौत के पीछे पुलिस प्रशासन की लापरवाही भी सामने आ रही है। बिना रोशनी, गोताखोर, के ही घाट पर मूर्ति का विसर्जन हो रहा था।अंधेरा होने के कारण सुद्धू चौधरी गहरे पानी में ही चला गया।डूबने के बाद मोबाइल और बाइक की रोशनी से सुद्धू चौधरी की खोजबीन करना शुरू किए।घटना के समय अजय कुमार,राम विलास, राम कृपाल ने बताया ड्यूटी पर लगे पुलिस कर्मी और राजस्व कर्मी वहां पर जुगाड़ से मूर्ति का विसर्जन करा रहे थे।परखती घाट पर कुल 18 मूर्तियों का विसर्जन होना था उसके बाद भी वहां पर सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं था जिसके चलते हादसा हो गया।सूत्रों की मानें तो घाट पर बने सीढ़ी पर जैसे ही सुद्धू चौधरी ने पैर रखा तुरंत फिसल गया और गहरे पानी में चला। एसडीएम हरैया प्रद्युम्न कुमार ने बताया घटना संज्ञान में है लेकिन वहां पर रोशनी की व्यवस्था के बारे में जानकारी नहीं है। संवाद
मृतक सुद्धू चौधरी के रोते-बिलखते परिजन स्रोत पुलिस