बस्ती। सरकार के नए प्रावधान के तहत अब महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति मिली है, बशर्ते सुरक्षा और परिवहन की उचित व्यवस्था हो। कई महिलाओं ने कहा कि फैक्ट्री में रोशनी, परिवहन और निगरानी व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। कुछ के अनुसार, यह कदम महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में अहम है, बशर्ते प्रबंधन सुरक्षा और सुविधाओं की पूरी जिम्मेदारी निभाए।
परिवार को छोड़कर महिला कर्मचारियों के नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए सरकार का फैसला श्रमिक संगठन और फैक्ट्री संचालकों के लिए राहत जैसा है। अभी तक महिला कर्मचारियों के नाइट शिफ्ट में काम करने को लेकर असमंजस की स्थिति रहती थी। पारिवारिक ढांचे के प्रभावित होने का डर भी लोगों में बना रहता था, लेकिन सरकार के निर्णय और उसमें किए गए नये प्रावधान से महिलाओं में उम्मीद की नई किरण दिखी है। महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की छूट देने संबंधी सरकार के फैसले को सराहा है।
वहीं कुछ महिलाओं ने काम के दोहरी मार के उपाय और सुरक्षा कारणों को लेकर सुझाव भी दिया है। लोगों ने कहा कि महिलाओं का दफ्तर या कारखानों में दिन के समय काम करना बेहतर होता है, लेकिन सरकार के फैसले से नाइट शिफ्ट और ओवरटाइम की सुविधा देने संबंधी आदेश से महिलाओं में काम के प्रति नजरिया बदलेगा। वह खुलकर काम कर सकेंगी। इससे रोजगार के अधिक अवसर और आर्थिक मजबूती भी आएगी। लोगों का कहना है कि महिलाओं पर परिवार की ज्यादा जिम्मेदारी होती है।
पारिवारिक ढांचे को मजबूत बनाने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, सरकार का यह निर्णय सहायक होगा।