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जमीन दी, धन दिया, मौत हो गई पर वरासत नहीं हो सकी

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जमीन दी, धन दिया, मौत हो गई पर वरासत नहीं हो सकी
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हलका लेखपाल पर दो बिस्वा जमीन का बैनामा कराने और 70 हजार रुपये लेने का आरोप
वरासत न होने से सदमे में चले गए थे महादेव
महादेव की मौत के बाद तंत्र पर उठे गंभीर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सदर तहसील क्षेत्र के कुसरौत निवासी महादेव वरासत के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाते-लगाते जिंदगी से हार गए। 31 मई को व्यवस्था से व्यथित महादेव का निधन हो गया। उनकी बेटी शोभा ने मामले की लिखित शिकायत एडीएम अभय कुमार मिश्रा से मंगलवार को की तो पूरे तंत्र पर सवाल उठने लगा। मौत से पहले महादेव ने 30 मई को मीडिया में बयान दिया था कि गांव के ही एक लेखपाल ने पैतृक जमीन की वरासत के लिए उनके साथ धोखा किया है।
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महादेव के गांव कुसरौत निवासी लेखपाल अपने रिश्तेदार जो कि पेशे से हलका लेखपाल हैं। गांव के लेखपाल ने हलका लेखपाल से महादेव की वरासत कराने के लिए दोनों के बीच बातचीत कराई। महादेव लेखपाल के झांसे में आ गए और वरासत के बदले हलका लेखपाल ने दो बिस्वा जमीन व 70 हजार रुपये की मांग की। महादेव ने समझौते के अनुसार जमीन का बैनामा और धनराशि दे दी। इसके बावजूद लेखपाल ने वरासत नहीं किया। बल्कि महादेव से अतिरिक्त धन मांगने लगा। शोभा ने बताया कि पिता महादेव के चाचा का काफी पहले निधन हो चुका है। उनके पिता को अपने चाचा की जमीन में हिस्सा मिलना था। वरासत के लिए महादेव अपने चचेरे भाइयों के साथ लेखपाल को प्रार्थनापत्र दिए। चचेरे भाइयों की वरासत हो गई लेकिन महादेव की नहीं हुई। इससे वह सदमे में आ गए। शोभा ने लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाते एडीएम के समक्ष न्याय की गुहार लगाई। एडीएम अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि लेखपाल पर उगाही का आरोप मृतक की बेटी ने लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीएम सूरज यादव को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम सदर ने बताया कि जांच की जा रही है।
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