पुरानी बस्ती। ट्रेन या प्लेटफार्म के अपराधियों यक्ष एप से निगरानी होगी। जीआरपी बस्ती की तरफ से एआई लैस यक्ष एप पर बस्ती रेलवे थाना ने 23 हिस्ट्रीशीटर और 237 अपराधियों का विवरण फीड हुआ हैै।
बस्ती जीआरपी थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने बताया कि इसमें 10 जेल में हैं। अब वायस सेंपल (आवाज नमूना) अपलोड किया जा रहा है। ट्रेन के साथ साथ रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म पर सुरक्षा दायरा मजबूत किया जा रहा। आने वाले मई महीने से राज्य के किसी भी रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म या ट्रेन में किसी प्रकार की वारदात होती है तो जीआरपी सबसे पहले यक्ष की मदद से उनकी कुंडली से साक्ष्य मिलान करेगी।
जो कभी रेलवे अपराध मामले में जीआरपी के हत्थे चढ़े या किसी भी अपराध का अभियोग पंजीकृत रहा। डेटा मैचिंग से जीआरपी यह सुनिश्चित कर सकेगी कि में क्या कोई पुराना अपराधी तो नहीं शामिल है। घटना का तरीका, घटना स्थल पर कैद आवाज, फोटो या अन्य क्लू की मिलान हो जाती है तो उन तक जीआरपी की सीधी पहुंच होगी।।