हरैया। थानाक्षेत्र के परसौड़ा निवासी राम सूरत की हत्या उसके बेटे ने ही एक लाख रुपये देकर कराई थी। पिकअप से कुचलने का आरोपी अनिल वर्मा मृतक के बेटे अमर वर्मा से पहले ही रुपये ले चुका था।
दोनों दो दिन पहले हर्रैया के आमा के पास रेकी करके राम सूरत को पिकअप से कुचल दिया था। उन लोगों की साजिश हत्या को दुर्घटना साबित करने की थी लेकिन मौके पर राम सूरत की बाइक पिकअप में फंस जाने से मामला खुल गया।
पुलिस ने शुक्रवार को मास्टरमाइंड बेटे अमर, पिकअप चला रहे सुपारी लेने वाले अनिल व एक अन्य रिश्तेदार को न्यायालय में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।
सीओ सिटी सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने इंस्पेक्टर तहसीलदार सिंह के साथ केस का खुलासा करते हुए बताया कि राम सूरत की पहली पत्नी सरिता लगभग 20 वर्षों से अपने पुत्रों को लेकर मायके में रहती है। न्यायालय में भरण-पोषण का मुकदमा और संपत्ति का विवाद चल रहा था। पहली पत्नी और उसके पुत्र किसी तरह रामसूरत की हत्या करना चाहते थे।
राम सूरत की दूसरी पत्नी मिसलावती से कोई संतान नहीं है। मृतक राम सूरत के पुत्र अमर ने इस षड्यंत्र में रिश्तेदार जय प्रकाश चौधरी और अनिल चौधरी का सहयोग लिया। अमर चौधरी एक माह से रामसूरत की रेकी कर रहा था और घटना के दिन बिना नंबर की पिकअप से कुचल कर उसे मार डाला।
पूछताछ में अमर चौधरी ने इस कार्य में सहयोग के लिए पूर्व में एक लाख रुपये अनिल चौधरी को देने की बात भी स्वीकार की।्