ओपीडी में चिकित्सीय परामर्श के लिए इंतजार करते मरीज संवाद
- फोटो : सकरन क्षेत्र में हंगामा करते किसान।
बस्ती। गिरते तापमान और हवा की खराब गुणवत्ता के कारण नाक, कान के साथ गले के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। पिछले सप्ताह तक जिला अस्पताल में इन बीमारियों के दो दर्जन रोगी पहुंचते थे लेकिन अब रोजाना 50 से 60 रोगी पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों जांच रिपोर्ट के आधार पर दवा देकर व सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को 812 रोगियों का उपचार हुआ। अधिकतर रोगी पहले की तरह वायरल, फ्लू व त्वचा रोग के ही थे। इनके अलावा 40 मरीज नाक, कान व गला रोग के पहुंचे। जांच रिपोर्ट के आधार पर नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डाॅ. एसएस कन्नौजिया ने इन मरीजों को दवा व एहतियात बरतने की सलाह दी। बताया कि हवा की खराब गुणवत्ता व बढ़ती ठंड से नाक, कान और गले के रोगी बढ़ रहे हैं। गले में खराश के साथ जख्म भी हो रहा है। खानपान और मौसम के प्रति सचेत नहीं रहने वाले मरीजों में लक्षण अधिक दिख रहे हैं। गले व कान में दर्द की समस्या के मरीजों की संख्या भी अधिक रही। गले में घरघराहट, तेज खांसी, बुखार, गले के टांसिल में समस्या के मरीज भी अधिक आ रहे हैं।