पोर्टल से जुड़ेंगे गेहूं क्रय केंद्र, संबद्ध होंगे गांव
बस्ती। न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना में गेहूं खरीद की तैयारी पूरी हो गई है। 125 केंद्रों से खाद्य रसद विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत किसानों से खरीद होगी। इस बार सभी क्रय केंद्रों को पोर्टल से जोड़ा जाएगा। पोर्टल से क्रय केंद्र क्षेत्रवार गांव से संबद्ध कर दिए जाएंगे। किसान अपना गेहूं संबद्ध क्रय केंद्र पर ही बेच सकेगा। इस बार खरीद प्वाइंट ऑफ परचेज मशीन से होगी। केंद्र के इधर-उधर ले जाते ही पोर्टल पर सबकुछ नजर आने लगेगा।
गेहूं खरीद की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। इस बार जिले में खाद्य विभाग के 14, पीसीएफ के 87, पीसीयू के 22 तथा मंडी व एफसीआई के एक-एक केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों को ऑनलाइन किया गया है। किसानों के पंजीकरण पर भी शासन बेहद सख्त है। अब तक सिंचिंत भूमि के अलावा बाग-बगीचा को भी जमीन में जोड़कर पंजीकरण हो जाता था, मगर इस बार केवल सिंचिंत भूमि को ही खेत मानकर पंजीकरण किया गया है। संबद्ध गांव अपने ही क्षेत्र के क्रय केंद्र पर गेहूं बेच सकेंगे। 12.5 एकड़ से अधिक सिंचिंत भूमि से अधिक पर एडीएम सत्यापन करेंगे। डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने कहा कि इस बार गेहूं खरीद बड़े पैमाने पर होगी। लक्ष्य के बगैर विभाग अधिकतम खरीद के लिउए कमर कस चुका है। सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। एक अप्रैल से खरीद केंद्र सक्रिय हो जाएंगे। खरीद 15 जून तक होगी।
इस बार तय नहीं है लक्ष्य
गेहूं खरीद के लिए शासन ने इस बार कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है। यानी क्रय केंद्र मनमाने ढंग से खरीद करें अथवा न करें उन पर कोई दबाव नहीं होगा। हालांकि विभागीय जिम्मेदार शासन के इस निर्णय के बारे में स्पष्ट करते हैं कि लक्ष्य न मिलने का मतलब अधिकतम खरीद करनी होगी।