आचार संहिता लागू होने के बाद स्कूली बच्चों के बैग व राशन कार्ड पर समाजवादी पार्टी के नाम तथा फोटो के चलते इसके वितरण पर प्रतिबंध लग गया। लेकिन अब समाजवादी नमक भी गोदामों तक पहुंच गया है।
कोटे की दुकानों से समाजवादी नमक वितरण की व्यवस्था शासन ने बनाई थी। जिसकी खेप मंडल में पहुंच गई है। हालांकि यह खेप अभी तक संतकबीर नगर व सिद्धार्थ नगर के खाद्य रसद गोदामों तक ही पहुंची है, मगर इसके वितरण पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए चुनाव आयोग से शिकायत भी की है। इस बीच प्रदेश शासन की ओर से भेजे गए नमक को खपाने को लेकर अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।
राशन कार्ड के रास्ते हर घर तक पहुंचने की समाजवादी पार्टी की मुहिम को आचार संहिता ने करारा झटका दिया। तो पार्टी ने प्रचार को लेकर नया पैंतरा खेला। इसके लिए नमक को हथियार बनाया गया। पार्टी ने इसके लिए खाद्य रसद विभाग के भंडारगृहों पर नमक की बड़ी खेप भेजी है। अब तक सिद्धार्थनगर के नौगढ़, डुमरियागंज व इटवा भंडारगृह पर सैकड़ों टन नमक पहुंच चुका है, जबकि बांसी व मिठवल के लिए गाड़ी सोमवार को पहुंचेगी। इसके अलावा संतकबीर नगर स्थित भंडारगृह में कई टन नमक भंडारित है। नमक के पैकेट पर उत्तर प्रदेश शासन के मोनोग्राम के अलावा समाजवादी आयरन एवं आयोडीन मिश्रित नमक लिखा है।
संभागीय अधिकारी रवि कुमार की मानें तो नमक के पहुंचने की जानकारी तो है, मगर इसका वितरण कैसे व कब होगा? उनके संज्ञान में नहीं है। कहते हैं कि शासन से इस संबंध में जो भी दिशा निर्देश आ रहा है वह प्रशासन को दिया जा रहा है। वैसे भी इसका वितरण तीनों जिलों के जिला पूर्ति अधिकारियों को कोटे की दुकान से करानी है।