सूखी नहर में रघवापुर गांव के पास शनिवार आधी रात अचानक पानी भर गया। पानी के दबाव से दक्षिणी किनारे जर्जर हो चुका बंधा कट गया। इसकी वजह से आसपास की फसलें डूब गईं। सुबह जब किसानों ने अपनी फसलों की हालात देखी तो वे विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया, मगर मौके पर कोई नहीं पहुंचा। सभी पीड़ित किसान एकजुट हुए और टूटे बंधे को दुरुस्त कर दिया। इसके बाद सभी घर चले गए।
लेकिन रविवार की शाम पांच बजे नहर में अचानक फिर पानी आ गया और कडसरा गांव के पास भी नहर का दक्षिणी किनारा कट गया, जिससे खेतों में पानी भर गया है। हालांकि जानकारी के बाद हर्रैया प्रशासन ने गोंडा डिवीजन के सरयू नहर के अधिकारियों से बात कर पानी बंद कराया दिया है।
शनिवार /रविवार की रात गोंडा डिवीजन से नहर में पानी छोड़ा गया। अचानक ज्यादा पानी का बोझ बढ़ने से रघवापुर के निकट नहर के बंधा जगह-जगह से कट गया। रघवापुर, कोपवा तथा खौपुरा गांव के बाबूराम, रामअनूप, सुलाई, मुन्नीलाल, पन्नालाल, भगवान प्रसाद, केशव, शिवप्रसाद आदि 25 से अधिक किसानों की गेहूं, सरसो, मटर, आलू की फसल डूब गई। शाम पांच बजे पानी का दबाव बढ़ने से परशुरामपुर क्षेत्र के कडसरा गांव के पास भी बंधा टूट गया। कटान के चलते कृष्ण कुमार सिंह चन्द्रभान, हरीश, रमेश, शिवशंकर, अजय सिंह, अरून सिंह, गुड्डू सिंह, बब्बन सिंह की गेहूं, मटर, सरसो, आलू आदि फसलें जलमग्न हो गई हैं। देर शाम तक सिंचाई विभाग का कोई भी अधिकारी न तो फोन उठाया और न ही कोई मदद पहुंचाई। प्रशासन के रवैये से लोगों में नाराजगी है। जिसकी शिकायत एसडीएम हर्रैया से की गई।
इस बाबत उप जिलाधिकारी हर्रैया हरिश्चंद्र सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में है। गोंडा डिवीजन से क्षमता से अधिक पानी छोड़ दिया गया था, जिससे नहर कटी थी। वहां के अधिकारियों से वार्ता कर पानी बंद करा दिया गया है। अब स्थिति सामान्य है।