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Basti News: शादी की खुशियों पर ''गैस'' का ग्रहण...बुकिंग के बावजूद नहीं मिल रहे सिलेंडर

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स्टेशन रोड ​स्थित एजेंसी के सामने उपभोक्ताओं की लगी लंबी लाइन। संवाद
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बस्ती। शादी-विवाह के सीजन में रसोई गैस की किल्लत लोगों पर भारी पड़ रही है, बुकिंग के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहे। तल्ख धूप और सेहत की परवाह किए बगैर लोग एजेंसियों के बाहर लाइन में लग रहे हैं। घंटों धूप में लाइन लगाने के दौरान शारीरिक रूप से कमजोर उपभोक्ताओं को मूर्छा तक आ जा रही है।
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मंगलवार को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ देखी गई। लोग किसी तरह सिलिंडर पाने की आस में घंटों लाइन में खड़े रहे। सोमवार को साप्ताहिक बंदी के बाद मंगलवार को गैस एजेंसियों पर सुबह से ही भीड़ बढ़ गई। एजेंसी खुलने से पहले ही लोग सिलिंडर और पासबुक के साथ लाइन में खड़े हो गए। दिन में दो बजे तक एजेंसियों पर टोकन वितरित किया गया। अधिक भीड़ की वजह से कुछ उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा। रसोई गैस के होम डिलीवरी की व्यवस्था अभी पटरी पर नहीं आई है। उपभोक्ताओं का कहना हैं कि छिटपुट घरों में ही डिलीवरी हो पा रही है।
उपभोक्ता राम प्रसाद ने बताया कि कल बंदी होने की वजह से आज एजेंसी पर ज्यादा भीड़ है। तीन घंटे से लाइन में लगे हैं अभी बारी नहीं आई है। वहीं उपभोक्ता कमल कुमार ने बताया कि सिलिंडर के लिए कामकाज छोड़कर एजेंसी पर आकर पूरा दिन समय देना पड़ रहा है। काफी मशक्कत के बाद ही सिलिंडर मिल पा रहा है। वहीं शैलेश ने बताया कि कुछ एजेंसी कर्मचारियों ने आपदा में अवसर खोज लिया है। लाइन न लगाने के लिए उपभोक्ताओं से दो सौ रुपये अतिरिक्त लिए जा रहे हैं। गैस का पेपर और 976 की जगह 1200 रुपये देने के कुछ ही देर बाद सिलिंडर मिल जा रहा है। कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि बिना कागजात के सिलिंडर लेने पर 1500 से 2000 रुपये वसूले जा रहे हैं।
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इन एजेंसियों पर लगी रही भीड़
शहर के मालवीय मार्ग, कटरा, सिविल लाइन, स्टेशन रोड, अस्पताल चौराहा के निकट स्थित रसोई गैस एजेंसियों पर सुबह नौ बजे से ही उपभोक्ताओं की लाइन लग गई। इसके बाद एजेंसी खुली तो उपभोक्ताओं की लंबी लाइन देखी गई। उपभोक्ताओं का कहना था कि यदि सिलिंडर नहीं मिलने से घर भोजन का संकट हो गया है। हम लोगों के वैवाहिक आयोजन होने की वजह से रिश्तेदारों की संख्या बढ़ गई है। अन्य कामकाज की तैयारी छोड़कर पहले सिलिंडर के लिए लाइन लगाना पड़ रहा है। किसी भी परिस्थिति में उपभोक्ता को राहत नहीं मिल रही है।
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टोकन के बाद भी नहीं मिल रहा सिलिंडर
सिलिंडर में आवक की कमी होने के कारण सप्ताह भीतर ही एजेंसियों पर नियम बदल जा रहे हैं। पहले बुकिंग कराने के बाद सिलिंडर दिए जाते रहे। इसके लिए केवाईसी अनिवार्य किया गया। अब केवाईसी और बुकिंग होने के सप्ताह भर बाद एजेंसी पर टोकन के लिए बुलाया जा रहा है। टोकन मिलने के 10-12 दिन बाद सिलिंडर के लिए गोदाम पर बुलाया जा रहा है। यानी एक सिलिंडर लेने में बीस दिन लग जा रहा है। जिनके घर शादी- विवाह हैं वह लोग ब्लैक में सिलिंडर खरीदने का जुगाड़ लगा रहे हैं। वहीं एजेंसी संचालकों की मानें तो कंपनी से डिमांड के सापेक्ष 60 से 70 प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है। इसमें तीन से चार दिन का वक्त लिया जा रहा है। तब बुकिंग की संख्या बढ़ जा रही है। नियमित आपूर्ति न होने से लगभग सभी एजेंसियों पर बैकलाग बढ़ गया है।
उपभोक्ता बोले-
11अप्रैल की बुकिंग है। हमारे घर से सन गैस एजेंसी पटेल चौक की दूरी 40 किमी है। दो दिन यहां आकर लाइन लगाने के बाद पर्ची बनी है लेकिन, अभी तक टोकन नही मिला है। डीएसओ से इसकी शिकायत की गई है।फिर भी सिलिंडर नहीं मिल सका।
-रामजी उपाध्याय, महुआर, रुधौली।

मेरी बुकिंग सात अप्रैल की है। अभी तक सहज गैस एजेंसी से पर्ची नहीं मिली है। रोजाना एजेंसी पर दौड़कर आना पड़ रहा है। बताया गया 22 अप्रैल से पहले पर्ची नहीं मिलेगी। हमारे यहां 29 अप्रैल को बिटिया की शादी है। अभी तक एक भी सिलेंडर की व्यवस्था नहीं हो सका है।
-विजय कुमार, मिरवापुर, बस्ती।
कोट
गैस एजेंसियों का बैकलाग पूरा करने के लिए कंपनी अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है। आपूर्ति भी लगातार हो रही है। शादी-विवाह के आयोजकों को कॉमर्शियल सिलिंडर दिलवाए जा रहे हैं। इसके लिए पूर्ति कार्यालय में आवेदन लेकर एजेंसियों के पास भेजा जा रहा है। लोगों को परेशानी नहीं होने दी जा रही है।
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-विमल कुमार शुक्ल, डीएसओ।
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