कुपोषित बच्चे की जांच करते डॉ. पीएस पटेल संवाद
बस्ती। जिले में कुपोषण से जूझ रहे बच्चों को स्वस्थ बनाने में जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) अहम भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में केंद्र में 10 बच्चों का उपचार चल रहा है, जहां उन्हें चिकित्सकीय देखरेख, संतुलित आहार, दवाएं और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा दी जा रही है।
एनआरसी प्रभारी डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि केंद्र में भर्ती बच्चों का औसतन 14 दिन तक उपचार किया जाता है। इस दौरान उनके वजन, लंबाई और स्वास्थ्य में सुधार पर विशेष निगरानी रखी जाती है। साथ ही परिजनों को पोषण संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 से अब तक एनआरसी में भर्ती होने वाले कुपोषित बच्चों का सफल उपचार किया जा चुका है।
शनिवार को सीएचसी मरवटिया आरबीएसके डॉक्टर और अर्बन सुपरवाइजर अनुराधा पांडेय की टीम ने मंगलबाजार से एक कुपोषित बच्चे को चिह्नित करके जिला अस्पताल पहुंचाया। वजन कम होने और शरीर का विकास कम दिखने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल ने तत्काल जांच कराई। जिसमें कुपोषण की पुष्टि हुई। 10 माह के बच्चे को तत्काल एनआरसी में भर्ती कराया गया। अब यह बच्चा 14 दिन तक चिकित्सा टीम की देखरेख में आहार लेगा। स्वस्थ पर डिस्चार्ज किया जाएगा।
डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि बच्चा अतिकुपोषित श्रेणी में है। मरवटिया सीएचसी आरबीएसके टीम में डॉ. अमित पांडेय, अमित कुमार, क्षेत्रीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व अन्य कर्मी शामिल रहे। वहीं, मापन दिवस पर बाल विकास विभाग की टीम घर-घर जाकर सर्वे कर कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर एनआरसी में भर्ती करवाया जा रहा है। डीपीओ राजेश कुमार का कहना है कि कुपोषण रोकने में यह अभियान सहायक होगा। 20 अप्रैल तक अभियान की तिथि बढ़ा दी गई है।