फिर बढ़ेगी ठंड, चलेगी पछुवा हवा
- जनवरी के महीने में तीसरी बार सक्रिय हुआ विक्षोभ
- आज धूप होने के आसार, ठंड से नहीं मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पश्चिमी विक्षोभ के तीसरी बार सक्रिय होने से एक बार फिर मौसम के बिगड़ने का अनुमान है। मौसम विज्ञानी की मानें तो अभी ठंड बढ़ेगी और पछुवा हवा चलने की संभावना है।
मौसम के जानकारों का कहना है कि अब तीसरा विक्षोभ काफी कमजोर पड़ चुका है लेकिन बारिश व कहीं-कहीं ओले गिरने से एक बार फिर कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं। अनुमान है कि 27 जनवरी से पछुवा हवा चलने लगेंगी, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना है।
सोमवार देरशाम शुरू हुई तेज बारिश से मौसम का मिजजा बदल गया। रात 11 बजे तक बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। जिससे तापमान काफी गिर गया। इससे पहले रविवार व शनिवार को भी मध्यम बारिश हुई थी। छावनी व विक्रमजोत के इलाके में कहीं-कहीं ओले भी गिरने की सूचना है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि जनवरी के महीने में इतनी बारिश हाल के कई वर्षों के बीच नहीं हुई थी। बारिश होने से फसलों को काफी फायदा होने का अनुमान है। गेहूं, जौ, चना, मटर और सरसों के लिए बारिश अधिक फायदेमंद है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉक्टर अमरनाथ मिश्र के अनुसार बुधवार को भी बादल छाए रहेंगे। न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेंटीग्रेड से नीचे रहने का अनुमान है। जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर सात डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि बृहस्पतिवार से आसमान साफ रहने की संभावना है, लेकिन पछुवा हवा तेज चली तो ठंड के लिहाज से धूप भी बेअसर साबित हो सकती है।
क्या है पश्चिमी विक्षोभ
पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागरीय क्षेत्र में उत्पन्न होने वाला एक अतिरिक्त उष्णकटिबंधीय तूफान है। यह विक्षोभ भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी भागों में अचानक सर्दियों की बारिश लाता है। यह पूर्व में बांग्लादेश के उत्तरी भागों और दक्षिण पूर्वी नेपाल तक फैला हुआ है। सर्दियों के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ काफी मजबूत होते हैं। इससे एक उच्च दबाव का क्षेत्र समेकित हो जाता है। इस समेकन के परिणामस्वरूप ध्रुवीय क्षेत्रों से ठंडी हवा का प्रवेश उच्च नमी और गर्म हवा वाले क्षेत्र की ओर होता है।