बस्ती। मौसम का संतुलन बिगड़ा हुआ है। सुबह और शाम के तापमान में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। अधिकतम तापमान दिन में 27 डिग्री तो शाम से लेकर रात 12 बजे तक पारा लुढ़ककर 16 डिग्री तक पहुंच जा रहा है।
ठंड-गर्म की वजह से लोग बीमार पड़ जा रहे हैं। उधर, एक्यूआई भी 170 से नीचे नहीं आ रहा है। इस वजह से सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ी है। मौसम के बिगड़े मिजाज से ज्यादातर बुजुर्ग और बच्चे बीमार पड़ रहे हैं।
जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सोमवार को अस्पताल खुला तो पर्ची काउंटर के सामने भीड़ लग गई। दिन में 12 बजे तक 500 मरीजों का पंजीकरण हो चुका था। इसमें सबसे ज्यादा खांसी, बुखार और बदन दर्द के मरीज पहुंचे थे। फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि बदलते मौसम में लोग सावधानी नहीं बरत रहे हैं।
इस वजह से ठंड लग रही है और बीमार पड़ जा रहे हैं। ज्यादातर मरीज बुखार, खांसी और बदन दर्द से परेशान है। ऐसे मरीजों को मेडिसिन पर रखा जा रहा है। चार से पांच दिन में हालत सुधर रही है। इधर, सहालग का सीजन होने से लोगों का खान-पान भी बिगड़ा हुआ है, जिससे पेट दर्द और उल्टी-दस्त से परेशान होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल का जनरल वार्ड इस तरह के मरीजों से फुल है। इसके अलावा प्राइवेट वार्ड में भी मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। जबकि, मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में भी मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। यहां दिन में एक बजे तक 600 से अधिक मरीजों का पंजीकरण हुआ था।
ओपीडी में मेडिसिन विभाग में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। एमडी डॉ. रजत पांडेय ने बताया कि मौसमी बीमारी से ज्यादा लोग प्रभावित है। अधिक बुखार होने पर शरीर कमजोर पड़ जा रहा है। ऐसे मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। एक्यूआई में गिरावट न होने से सांस रोगियों की समस्याएं बढ़ गई है। शुद्ध पर्यावरण के चक्कर में सुबह-शाम टहलने के दौरान सांस लेने में कठिनाई हो रही है। दमा के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। ं