36 घंटे में मौसम मेहरबान, धान की रोपाई तेज
रुख देख किसानों ने तेज कर दी धान की रोपाई
दिन भर बादलों की जारी रही आवाजाही, घटता बढ़ता रहा तापमान
24 घंटे में निम्न दबाव का क्षेत्र सघन होने के आसार
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सुस्त रफ्तार में आगे बढ़ रहा मानसून 36 घंटे में मेहरबान हो सकता है। बादलों से घिरे आसमान का रुख देख किसानों ने धान की रोपाई तेज कर दी है। उम्मीद है कि रोपाई के बाद झमाझम बारिश होने से उनकी फसल लहलहा उठेगी।
एक दिन पहले की तरह मंगलवार को दिन भर बादलों की आवाजाही जारी रही। इस बीच कभी धूप तो कभी छांव होती रही। इसके चलते बार-बार तापमान घटता बढ़ता रहा। सुबह 32 डिग्री तो दोपहर के वक्त 37 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। खास बात यह है कि इन दिनों न्यूनतम और अधिकतम तापमान में अंतर घटकर 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार सेहत के लिए यह स्थिति नुकसानदेह है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद के मौसम विभागाध्यक्ष रहे डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के अनुसार 24 घंटे में निम्न दबाव का क्षेत्र सघन होने के आसार हैं। इससे बुधवार से शुक्रवार के बीच अच्छी बारिश की उम्मीद है। बुधवार, बृहस्पतिवार को तापमान में दो डिग्री कमी के आसार हैं। उत्तर-पश्चिम एरिया में एक निम्न दबाव क्षेत्र भी बन रहा है। अगले 24 घंटे में इसके और सघन होने की उम्मीद है। निम्न दबाव क्षेत्र सघन होने से मानसून पांच जुलाई के मध्य दस्तक दे सकता है। यह देख किसानों ने रोपाई तेज कर दी है।
10 जुलाई तक रोपाई का सही समय
कृषि उप निदेशक डॉक्टर संजय कुमार त्रिपाठी के अनुसार मध्य अवधि की प्रजाति के धान की रोपाई 10 जुलाई तक कर देनी चाहिए। इससे पहली बारिश का फायदा किसान को मिल जाता है। उसी बारिश से फसल बिना मुरझाए जड़ पकड़ लेगी। इसके अलावा फसल पकने के लिए भरपूर समय मिल जाएगा। रोपाई में देर करने से उपज और रबी की फसल बुआई के लिए धान के फसल की कटाई प्रभावित होती है।