संवाद न्यूज एजेंसी
नगर बाजार(बस्ती)। राजेश्वरी मिश्रा प्राकृतिक कृषि फॉर्म हाउस दुबखरा में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महापुराण के छठवें दिन शुक्रवार की रात अयोध्या से आए कथावाचक आचार्य अमरेंद्र ने भगवान श्रीकृष्ण के लीलाओं का वर्णन किया। कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन काल में कई महत्वपूर्ण कार्य किए, जिनमें महाभारत का युद्ध भी शामिल है। उन्होंने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था और युद्ध में विजय प्राप्त करने में मदद की थी।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कथा हमें यह सिखाती है कि जीवन में कैसे जीना है, कैसे प्रेम करना है और कैसे अपने लक्ष्यों को प्राप्त करना है। वह हमें यह भी सिखाते हैं कि हमें अपने जीवन में कैसे संतुष्ट रहना है और कैसे अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी है। जब भगवान श्रीकृष्ण ने पृथ्वी पर अवतार लिया था, वह अपने माता-पिता देवकी और वसुदेव के घर में पैदा हुए थे। मगर, भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय, उनके मामा कंस ने उनकी हत्या करने की कोशिश की थी। भगवान श्रीकृष्ण को उनके पिता वसुदेव ने गोकुल में नंद और यशोदा के घर में छोड़ दिया था। वहां भगवान श्रीकृष्ण ने अपना बचपन बिताया था और कई चमत्कारी कार्य किए थे। एक दिन, भगवान श्रीकृष्ण ने गोकुल के लोगों को बताया कि वह इंद्र की पूजा करने के बजाय, गोवर्धन पर्वत की पूजा करना चाहते हैं।
मगर, इंद्र ने भगवान श्रीकृष्ण की बात को नहीं माना और गोकुल पर बड़े पैमाने पर वर्षा करने लगे। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाकर गोकुल के लोगों की रक्षा की थी। इस दौरान कर्नल केसी मिश्रा, रंजीत मिश्रा, कर्नल मिथुन मिश्रा, अनुराधा पांडेय माैजूद रहीं। व