फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: जलभराव से निजात मिली पर ठप हो गई पानी की सप्लाई

विज्ञापन
नगर पंचायत मुंडेरवा में शो-पीस बना वाटर टैंक संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी मुंडेरवा (बस्ती)। मुंडेरवा कस्बे अब (नगर पंचायत) को पेयजल परियोजना से जोड़ने के लिए यहां दो दशक पहले ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया था। मगर करीब तीन साल से यहां की अधिकांश आबादी जलापूर्ति से वंचित है। कारण, नाला निर्माण के लिए खोदाई के दौरान कई जगहों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है, तब से जलापूर्ति पूरे नगर पंचायत में ठप है।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार, साल 1998-99 में पानी की टंकी की नींव पड़ी थी और तब आधिकारिक और राजनीतिक घोषणाओं के अनुसार लग रहा था कि इस योजना के पूरा होने पर कस्बे को अनवरत जलापूर्ति होती रहेगी। निर्माण पूरा होने के बाद यहां हजारों घर लाभान्वित होने लगे और उन्हें टोंटी से स्वच्छ पेयजल मिलता रहा। मगर, तीन साल पहले जब कस्बा नगर पंचायत बना तो लोगों को लगा कि पेयजल की सुविधा और बेहतर होगी, मगर उससे भी खराब हाल हो गया है।
जनवरी 2023 में नाला-नाली का निर्माण कार्य शुरू हुआ जिससे वाटर सप्लाई की पाइपलाइन कई जगहों पर टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई है। तब से आज तक पाइपलाइन ठीक नहीं कराए गए और जलापूर्ति रोक दी गई। मोहल्ले जलापूर्ति से वंचित हैं और नागरिकों के सामने पेयजल संकट गहराया हुआ है। इधर गर्मी का मौसम शुरू होने को है, मगर नगर पंचायत में जलापूर्ति की व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो पाई है। बताया गया कि जबसे मुंडेरवा नगर पंचायत बना है, तभी से जल संकट है।
विज्ञापन

इससे ठिठुरी बाजार अब वार्ड नंबर नौ और मुंडेरवा कस्बा वार्ड नंबर आठ में ओवरहेड टैंक शो-पीस बनकर रह गया है। बताते हैं कि कई बार नागरिकों ने जलापूर्ति बहाल करने के लिए आवाज उठाई, मगर अभी तक सुनवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीण हरेंद्र लाल, मोनू प्रजापति, अजय कुमार और नील कुमार ने बताया कि नगर पंचायत मुंडेरवा आईटीआई के बगल में स्थित जलनिगम की बनी टंकी से करीब तीन साल से जलापूर्ति सेवा पूरी तरह से ठप है। इस पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
यहां के लोग पानी न आने से परेशान हैं, जिसमें यहां के निवासी जो आर्थिक रूप से मजबूत हैं वह बाजार से पानी मंगवा लेते हैं वहीं, अधिकांश की देसी हैंडपंप से प्यास बुझ रही है। टोंटी के जरिये जलापूर्ति का सपना टूट रहा है। पिंटू पान्डेय, बदरेआलम, दिपांशु जायसवाल, विनोद जायसवाल, फिरोज, बीके गुप्ता ने बताया कि कागज में सप्लाई दिखाकर जलकर भेज दिया जाता है। कई बार लिखित शिकायत की गई, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
परियोजना के हैंडओवर का भी पेंच : विभागीय सूत्रों के अनुसार, पानी टंकी जब बना तब मुंडेरवा और आसपास के क्षेत्र ग्राम पंचायत में थे। नगर पंचायत बनने के बाद वैसे तो स्वत: ओवरहेड टैंक परियोजना नगर पंचायत में शामिल हो गई है, मगर अधिकारी यह कहकर मामला टाल देते हैं कि अभी टंकी को लिखा-पढ़ी में हैंडओवर नहीं कराया गया है।
इससे क्षतिग्रस्त लाइन को दुरुस्त नहीं करवा पा रहे हैं। सेवानिवृत्त पंप ऑपरेटर इन्द्रजीत चौधरी का कहना है कि रिटायर होने के बाद कोई ऑपरेटर नहीं है, जलापूर्ति के बारे में बताया कि कई जगहों पर लीकेज के चलते सप्लाई बंद पड़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें