बस्ती। तीन माह से मानदेय न मिलने से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से जुड़े कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। दशहरा बिना वेतन गुजार चुके कर्मचारी अब दिवाली को लेकर चिंतित हैं। कर्मचारियों ने 10 अक्तूबर तक भुगतान न होने पर स्वास्थ्य सेवाएं ठप करने की चेतावनी दी है। सीएमओ डॉ. राजीव निगम के स्पष्ट निर्देश के बावजूद भुगतान प्रक्रिया में देरी से कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
जिले में करीब 11 सौ से अधिक एनएचएम कर्मी कार्यरत हैं। इसके अलावा 108 और 102 एंबुलेंस सेवा, एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस सेवा, विभिन्न जांच सेवाओं सहित कई संस्थाएं एनएचएम के जरिये ही चल रही हैं। इन संस्थाओं के संचालकों का कहना है कि एनएचएम से भुगतान होते ही कर्मचारियों का मानदेय भुगतान किया जाएगा। इसके पहले सीएचओ समेत अन्य एनएचएम कर्मचारियों ने दो दिन पहले मुख्यालय पहुंच कर आक्रोश जताया था। चेतावनी दी कि 10 अक्तूबर तक मानदेय का भुगतान नहीं होता है तो वे सेवाएं ठप करने के लिए विवश होंगे। वे दशहरा नहीं मना पाए हैं। यदि मानदेय नहीं मिला तो दिवाली भी नहीं मना पाएंगे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार और महामंत्री आनंद गौरव शुक्ल ने संयुक्त पत्र जारी करते हुए कहा है कि सीएमओ कार्यालय में दो दिन में भुगतान के लिए अल्टीमेटम दिया गया है। यदि इसके बाद भुगतान नहीं होता है तो सड़क पर उतरने पर विवश होंगे। दिवाली मुख्य त्योहार है, इसपर जिम्मेदार संजीदा नहीं हैं। तीन माह से भुगतान न होने लापरवाही दर्शाता है। बैंक, पोर्टल सर्वर को दोष दे रहे। बताया गया कि एनएचएम कर्मचारियों के वेतन भुगतान प्रक्रिया में बदलाव का निर्देश दिया गया। सभी के लिए सिंगल नोडल एजेंसी (एसएनए) ईस्पर्श प्रणाली लागू करने की बात कही गई। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि एनएचएम कर्मियों का मानदेय भुगतान के लिए प्रयासरत हैं। कहा कि कुछ कर्मचारियों का वेतन बिल ट्रेजरी भेजा गया है। बैंक में तकनीकी कारणों से रिजेक्ट हुआ है।