सम्राट अशोक धम्म विजय दशमी पर कई क्षेत्रों में धम्म पुनरानुवत्तन दिवस महोत्सव के रूप में मनाया गया। डॉ. अंबेडकर पार्क मड़वानगर के कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के पूर्व अध्यक्ष भिक्षु चंदिमा थेरा ने कहा कि 21वीं सदी की वैज्ञानिक दुनिया को युद्ध नहीं बल्कि बुद्ध की अति आवश्यकता है। उन्होंने समता मूलक समाज और महिलाओं की भागीदारी पर बल दिया।
डॉ. भीम राव अंबेडकर महिला सुधार समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में आईआईटी(बीएचयू) के प्रो. आरके साकेत वर्द्धन ने शाक्यमुनि बुद्ध की वैज्ञानिकता, नारी उन्नयन की इबारत, सम्राट अशोक की धम्म विजय, नागपुर अधिवेशन, धम्म पुनरानुवत्तन आदि पर प्रकाश डाला। मुन्नी भारती ने नारी शिक्षा तथा आरबी त्रिशरण ने महिला उत्थान पर कहा कि महिलाओं की भागी दारी के बिना भारत भूमि में बुद्ध धम्म संघ व बाबा साहब की विचार धाराओं को पुनरस्थापित नहीं किया जा सकता है। शिवराम कन्नौजिया, उपासिका पुष्पा चंद्रा, उमेश वर्मा, जगन्नाथ मौर्य, राहुल कात्यायन के बाद उपासिका सरोज कुमारी ने आभार जताया।
अंबेडकर बुद्ध विहार भोयर कलवारी में धम्म बंधुओं के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक दूधराम ने भगवान बुद्ध व बाबा साहब के विषय में चर्चा की। कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने विजय दशमी के दिन बौद्ध धर्म अपनाया था तभी से उनको मानने वाले लोग धम्म विजय दशमी मनाते हैं। चौरसिया समाज के मंडल अध्यक्ष रामकरन चौरसिया ने कहा कि बाबा साहब ने समता मूलक समाज की स्थापना के लिए आरक्षण की व्यवस्था जिससे सभी जातियों के लोग आगे बढ़ सकें। बुद्धि एडवोकेट, सीताराम राव, रमाकांत बौद्ध, अद्या प्रसाद चौधरी, सुनील चौधरी ने भी संबोधित किया। आयोजक रामशब्द, संचालक तारक नाथ, रवीश चन्द्र, वंशगोपाल, बाबूराम, रमेश चौधरी आदि लोग शामिल रहे।श्रीमती उषा देवी जोखू राम पूर्व माध्यमिक विद्यालय संत गाडगे नगर मेहौरा में धम्म चर्चा का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि राजवीर सिंह यादव ने कहा कि देश मे धर्म के नाम पर अरबों रुपये बहाया जा रहा है। धर्म को भूलकर अपने को बचत करते हुए लोग बच्चों के पढाई पर विशेष ध्यान दे और धार्मिक पाखंड को भूलकर सही मार्ग दर्शन पर चले जिससे बच्चो के जीवन के साथ कोई खिलवाड़ न करें। अंधविश्वास व मनुवादी विचारधारा को त्याग कर मानववादी व बौद्ध धर्म पर आधारित विचारधारा अपनाएं। ग्राम प्रधान किरन चौधरी धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन राम अजोर गौतम ने किया। जगरनाथ मौर्य. ज्ञानदास कन्नौजिया. मजहर आजाद. नेबूलाल. अवधेश कुमार, अनिल कुमार, विश्वपति वर्मा, नायब चौधरी आदि लोग रहे।