युद्ध के कारण गहराया संकट, कोटेदारों से विभाग क्रय करेगा राशन वाला जूट बोरा
- 30 मार्च से शुरू 197 केंद्रों पर शुरू हुई गेहूं खरीद, आयुक्त ने दिए निर्देश
बस्ती। पश्चिमी एशिया में संघर्ष का असर डीजल-पेट्रोल व गैस सिलिंडर के बाद अब गेहूं की खरीद पर भी पड़ने की आशंका है। पेट्रोलियम उत्पादों से बने प्लास्टिक बोरे नहीं मिलने के चलते पुराने जूट के बोरों में गेहूं खरीदा जाएगा। ये जूट के बोरे कोटेदारों व व्यापारियों से सरकार खरीदेगी। बता दें कि, 30 मार्च से 197 केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू हो गई है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए प्लास्टिक बोरों की कमी के कारण अब पुराने जूट के बोरों का उपयोग किया जाएगा। पेट्रोलियम उत्पादों से बने प्लास्टिक बोरे न मिलने के चलते पुराने जूट के बोरों में गेहूं खरीदा जाएगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत 30 मार्च से गेहूं क्रय केंद्र खुल गए हैं। इस बार गेहूं खरीद ऐसे समय में शुरू हुई है, जब खाड़ी देशों में लड़ाई चल रही है। गेहूं खरीद के लिए हर साल प्लास्टिक बोरे आते रहे लेकिन, इस बार पर्याप्त मात्रा में इनके न मिल पाने की आशंका बढ़ गई है।
इसका कारण, खाड़ी देशों में युद्ध होने के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की पहले से किल्लत है। इसी से बने पाली प्रोपाइलीन से प्लास्टिक बोरियां बनाई जाती हैं। विभाग के कर्मी पुराने बोरे तलाशने में जुटे हुए हैं। ऐसे में अब प्रदेश सरकार प्लास्टिक बोरियों के विकल्प के रूप में जूट के पुराने बोरे तलाशने में जुट गई है। खाद्य रसद आयुक्त रणवीर प्रसाद इस बाबत सभी उपायुक्त खाद्य तथा रसद व जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं।
शासन से भेजे पत्र में उन्होंने कहा है कि गेहूं खरीद के लिए सभी उचित विक्रेता लाभार्थियों को खाद्यान्न वितरण के बाद खाली बचे जूट के बोरों को सुरक्षित रखेंगे। वे यह भी ध्यान रखेंगे कि कोई भी बोरा कटने व फटने न पाए और न ही इसकी बिक्री करें। वहीं, सभी जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारियों को व्यापारियों के पास पुराने बोरे की उपलब्धता व उसके मूल्य की जानकारी जुटाने में लगाया गया है। इधर, मंडलायुक्त अखिलेश सिंह आरएफसी, सभी डिप्टी आरएमओ के साथ बैठक कर निर्देश दिए हैं कि बोरे की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में कर लें। साथ ही, खाद्य नियंत्रक ने मंडी में क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर जायजा भी लिए।
मंडल में बने हुए हैं 197 खरीद केंद्र
मंडल के तीनों जिलों में इस बार 197 गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं। यहां किसान निर्धारित मूल्य पर गेहूं विक्रय कर सकेंगे। इस बाद गेहूं की खरीद, 2585 समर्थन मूल्य पर क्रय केंद्रों पर खरीद के लिए प्रशासन तैयार है। संभागीय खाद्य नियंत्रक रवि शंकर मिश्र के अनुसार, शासन से मिले निर्देश के अनुसार सभी कोटेदारों को जूट के बोरे सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। उन्हें कहा गया है कि खाद्यान्न के बाद खाली हुई बोरियों को गेहूं खरीद के लिए सरकार कोटेदारों से खरीद लेगी, इसलिए वे उसे बचाए रखें। बताया कि बाजार में उपलब्ध जूट के बोरे के मूल्य की जानकारी मांगी गई थी, जो भेज दी है। बताया कि बस्ती मंडल में 197 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद चल रही है। इसमें खाद्य विभाग, पीसीएफ, पीसीयू, एफसीआई, मंडी के केंद्र शामिल हैं।
कोटेदारों के यहां से इस बार जूट के बोरे की खरीद की जाएगी। शासन से मिले निर्देश के अनुसार कार्रवाई चल रही है। गेहूं खरीद कार्य शुरू है।
- रविशंकर मिश्र, संभागीय खाद्य नियंत्रक, बस्ती मंडल