संवाद न्यूज एजेंसी
बनकटी। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत विकास खंड के दर्जनों ग्राम पंचायतों में श्रमिकों ने काम किया है। मगर डेढ़ माह से मजदूरी का भुगतान न होने से वे परेशान हो रहे हैं। यहां तक कि महाकुंभ स्नान का पुण्य लाभ पाने से वंचित हो रहे हैं।
मनरेगा श्रमिकों को गांव में सौ दिन की मजदूरी की गारंटी दी गई है, ताकि ग्रामीणों को मजदूरी करने के लिए गांव से बाहर पलायन न करना पड़े। बनकटी ब्लॉक की स्थिति यह है कि पहले तो मजदूरों को काम ही नहीं मिलता, अगर काम मिल भी जाए तो उन्हें समय से मजदूरी नहीं मिल पाती है।
ब्लॉक क्षेत्र के दुबौली खुर्द, कुरियार, सुरापार खोरिया, घुघसा, बखरिया, कनेहटी, सिसवा, गुलरिहा, डेल्हा पार, देवमी, थरौली, पिपरा, क्योंकर, हर्रैया व कराहपिठिया सहित दर्जनों ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के कामगारों को पिछले डेढ़ माह से मजदूरी नहीं मिल पाई है।
मजदूरी न मिलने से श्रमिकोंं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मनरेगा श्रमिक नटवर लाल, पुदीना, ज्योति, अभिलाष, कलीमुल्लाह, राम सूरत, गेना देवी, इसरावती, बुद्धिराम, राम सजीवन व मनोज कुमार आदि ने बताया कि 29 नवंबर से मजदूरी खाते में नहीं आई है। मकर संक्रांति व चौथ का त्योहार जैसे-तैसे बीत गया। मगर, मजदूरी का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है।
अगर यही हाल रहा तो हम महाकुंभ में स्नान के पुण्य लाभ से भी वंचित हो जाएंगे। इस संबंध में मनरेगा के जिला समन्वयक संजय शर्मा ने बताया कि बजट न होने से मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है। बजट मिलने पर भुगतान सीधे खाते में भेज दिया जाएगा।ड