दुबौलिया में संगीनों के साए में हुआ प्रमुख पद के लिए मतदान, मतगणना
कप्तानगंज। दुबौलिया में प्रमुख पद का मतदान संगीनों के साए में हुआ। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही। दस किलोमीटर की परिधि में हर से तरफ आने जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाकर दिन भर आने-जाने पर रोक लगी रही। नामांकन के दिन बृहस्पतिवार को हुए बवाल को देखते हुए सुरक्षा के बेहद कड़े प्रबंध किए गए थे।
कप्तानगंज के वायरलेस चौराहे पर दुबौलिया जा रहे समाजवादी पार्टी के हरैया विधान सभा के अध्यक्ष अरविंद यादव और अशोक सिंह की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। विकासखंड प्रवेश का पहला द्वार भिउरा चौराहे पर प्रशिक्षु एसडीएम शैलेश दुबे, क्षेत्राधिकारी हरैया शेषमणि उपाध्याय के साथ अपनी टीम के साथ मुस्तैद रहे। मुख्य गेट पर तहसीलदार चंद्रभूषण प्रताप के साथ नायब तहसीलदार निखिलेश चौधरी पुलिस बल के साथ मानीटरिंग करते रहे।
पूर्वी छोर पर गौरा प्राथमिक विद्यालय के पास क्षेत्राधिकारी कलवारी शक्ति सिंह अपनी टीम के साथ मुस्तैद रहे। सड़क पर मुस्तैद पुलिस से अव्यवस्था के चलते आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। राहगीरों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोग तो बगल की पगडंडी का इस्तेमाल कर अपनी मंजिल की तरफ रवाना हो गए। दूसरे स्थानों से आने वाले लोग काफी देर तक भटकते रहे और उन्हें उल्टे पांव जहां से आए, वहीं वापस लौटना पड़ा। यही नहीं, कप्तानगंज चौराहे से आगे बढ़ते ही वायरलेस चौराहे पर पुलिस बैरीकेडिंग रही तो महाराजगंज के पास बिहरा गेट पर भी यही दशा रही।
छावनी के पास राम जानकी मार्ग को भी पूरी तरह बंद रखा गया था। कलवारी से भी लोगों को आगे बढ़ने नहीं दिया गया। शुकुलपुरा चौराहे से चिलमा बाजार तक सपा जिलाध्यक्ष महेंद्र नाथ यादव, सपा नेता बृजेश मिश्रा, निजामुद्दीन, सुरेंद्र सिंह छोटे, राजेंद्र चौरसिया, धर्मराज यादव अपने साथियों के साथ मौजूद रहे। वहीं दूसरी तरफ ब्लॉक गेट के सामने तटबंध पर सैकड़ों की संख्या में लोग सुबह से शाम तक जुटे रहे।