मौसम का मिजाज कभी तल्ख तो कभी ठंडा, लोग हो रहे बीमार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सुबह-रात में सर्दी और दिन में तल्ख धूप से लोग वायरल फीवर, खांसी-जुकाम की गिरफ्त में आ रहे हैं। ऐसे में सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
तापमान के उतार-चढ़ाव का असर बच्चों व बुजुर्गों पर ज्यादा दिखाई दे रहा है। चिकित्सक डॉ. रजत पांडेय का कहना है कि मौसम परिवर्तन के चलते खास तौर से पेशाब में जलन के मरीज भी बढ़े हैं। उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या काफी है। जिला चिकित्सालय के डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि मौजूदा समय में सर्दी-खांसी व जुकाम के फैलने का मुख्य कारण सर्दी से बचाव में लापरवाही है।
लोग बीमार होते हुए भी सार्वजनिक स्थान पर मुंह पर कपड़ा नहीं रखते। इससे सर्दी-जुकाम के कीटाणु हवा में फैलते हैं और अन्य लोगों के संपर्क में आते ही वह भी बीमार हो जाते हैं। ऐसे में वायरल फैल रहा है।
जिला अस्पताल में बुधवार को ओपीडी में 900 से अधिक मरीजों की आमद दर्ज की गई। मौसमी बीमारी के चलते गत चार-पांच दिन से औसतन 800 से एक हजार तक मरीज पहुंच रहे हैं। यह संख्या पिछले दिनों के मुकाबले में अधिक है। चिकित्सक कक्ष और दवा काउंटरों पर लोगों की लंबी लाइन सुबह से लग जाती हैं।
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एहतियात रखने से होगा बचाव
जिला अस्पताल के पूर्व सीएमएस डॉ. पीके श्रीवास्तव ने बताया कि मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए खानपान का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। दिन के समय गर्मी लगने पर पंखा या एसी न चलाएं। ठंडे पेय पदार्थों का सेवन न करें। मच्छरों से बचाव का विशेष ध्यान रखें।