बस्ती। बारिश और मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने लोगों की सेहत बिगाड़ दी है। बारिश में भीगने और तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच जिला अस्पताल की ओपीडी में वायरल, सर्दी-जुकाम, बुखार और एलर्जी के मरीजों की संख्या 30 फीसदी तक बढ़ गई है। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को 1137 मरीज पहुंचे, जिनमें वायरल इंफेक्शन के मरीज अधिक रहे।
बारिश के बाद मौसम में अचानक बदलाव का असर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों पर अधिक दिखाई दे रहा है। कई मरीज बारिश में भीगने के बाद बुखार, जुकाम और कमजोरी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। सर्दी के बाद नाक बहना और बार-बार छीक आने से लोग परेशान हैं। जिला अस्पताल के जनरल फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि बारिश, धूप और उमस के बीच लोगों में वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जुकाम के बाद बदन दर्द, नाक में इंफेक्शन की शिकायत है। ऐसे मरीजों की जांच करा रहे हैं। गंभीर मिलने पर भर्ती किया जा रहा है, जबकि अन्य मरीजों को दवा देकर घर भेज दिया जा रहा है। इसके अलावा त्वचा रोगी भी बढ़े हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राम अनुग्रह ने बारिश के बाद नमी से फंगल इंफेक्शन लिए मरीज पहुंच रहे हैं। पुराने दाद-खुजली भी उभर आए हैं। एग्जिमा वाले भी मरीज आ रहे हैं। बताया कि वर्तमान में 150 से अधिक मरीज आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि बच्चों में वायरल बुखार की शिकायत है। यह बदले मौसम के चलते हो रहा है।
तापमान में उतार-चढ़ाव से बढ़ी परेशानी
नाक, कान व गला विशेषज्ञ डॉ. एसएस कन्नौजिया ने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान शरीर पर इसका असर पड़ता है। बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़ों में अधिक देर तक रहने और तापमान में अचानक बदलाव से सर्दी-जुकाम, वायरल और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने लोगों से बारिश में भीगने से बचने, गीले कपड़े तुरंत बदलने और खानपान का ध्यान रखने की अपील की। तबीयत खराब होने पर चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी गई है।
बदले मौसम के चलते मरीजों की संख्या अस्पताल में बढ़ी है। चिकित्सकों व स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि इसमें लापरवाही न करें। दवा पर्याप्त है। जांच की भी सुविधा दी जा रही है।
डॉ. अनिल कुमार, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।