बस्ती। बारिश और नेपाल से आए पानी के बाद सरयू नदी उफान पर है। सरयू नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर के बीच तटवर्ती गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है। नदी किनारे बसे ग्रामीण दहशत में हैं। विक्रमजोत, दुबौलिया, कुदरहा और बहादुरपुर क्षेत्र में कई स्थानों पर नदी कृषि भूमि और पेड़ों को अपने आगोश में ले रही है। नुकसान से किसान परेशान हैं और बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग धीरे-धीरे अपना सामान समेटने लगे हैं।
शनिवार शाम केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर 92.32 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से 41 सेंटीमीटर नीचे है। हालांकि रात में जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई गई है। पिछले करीब 15 दिनों से नदी का जलस्तर लगातार घट-बढ़ रहा है, जिससे तटबंधों के अंदर बसे गांवों के लोगों की चिंता बनी हुई है।
विक्रमजोत संवाद के अनुसार क्षेत्र में नदी का जलस्तर कम होने के साथ ही किनारों पर कटान तेज हो गई है। नदी अब खेतों के साथ-साथ किनारे खड़े पेड़ों को भी काट रही है। इससे कन्हईपुर, दुधौरा पूरेकुमार, शंभूपुर, पकड़ी संग्राम, पकड़ी सूर्यवंश और अर्जुनपुर गांवों के ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर घटने से बाढ़ का खतरा कुछ कम हुआ है, लेकिन कटान ने नई समस्या खड़ी कर दी है। किसानों की जमीन नदी में समाने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कलवारी-रामपुर तटबंध पर बने गड्ढों से बढ़ी चिंता
कुदरहा क्षेत्र के कलवारी-रामपुर तटबंध पर कई स्थानों पर गहरे और खतरनाक गड्ढे बन गए हैं। समय से मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि बाढ़ के समय यही तटबंध राहत और बचाव कार्यों का मुख्य मार्ग होता है। महुआपार कला, बैडारी एहतमाली, मईपुर, टेंगरिहा राजा सहित आसपास के गांवों के लोगों ने बताया कि तटबंध की खराब स्थिति से राहत कार्य प्रभावित हो सकते हैं। ग्रामीणों ने बाढ़ खंड और जिला प्रशासन से तटबंध का निरीक्षण कर जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
-
दुबौलिया में जलस्तर घटा, लेकिन तटबंध पर दबाव बरकरार
दुबौलिया क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर पांच दिनों तक बढ़ने के बाद शनिवार से घटने लगा। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार शाम छह बजे नदी का जलस्तर 92.32 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर घटने से नदी और तटबंध के बीच बसे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि कटरिया-चांदपुर तटबंध के करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में नदी की धारा अब भी तटबंध से सटकर बह रही है। इससे तटबंध पर दबाव बना हुआ है। बाढ़ खंड विभाग संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रहा है।
-
बाढ़ से बचाव संबंधित कार्य लगातार कराए जा रहे हैं। टीम भी निगरानी में है। तटबंध सुरक्षित हैं। रेनकट भरे जा रहे हैं।
-दिनेश मोहन, एक्सईएन, बाढ़ खड़, बस्ती।