बस्ती। जिले के पूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरएस दुबे के कार्यकाल में हुई खरीद और भर्ती संबंधी मामलों की विजिलेंस जांच शुरू हो गई है। विजिलेंस ने सीएमओ कार्यालय से विभिन्न योजनाओं, खरीद प्रक्रियाओं और भर्ती से जुड़े अभिलेख सात दिन के भीतर उपलब्ध कराने को कहा है। जांच शुरू होते ही स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है और संबंधित कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।
डॉ. आरएस दुबे अक्तूबर 2023 से फरवरी 2025 तक बस्ती के सीएमओ रहे थे। उनके कार्यकाल के दौरान दवा खरीद, भर्ती और अन्य वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें शासन स्तर पर की गई थीं। शासन ने जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी थी। जिलाधिकारी की रिपोर्ट में जांच की आवश्यकता जताए जाने के बाद प्रकरण विजिलेंस को सौंप दिया गया। विजिलेंस अधीक्षक की ओर से सीएमओ को भेजे गए पत्र में तत्कालीन सीएमओ के कार्यकाल से जुड़े कई बिंदुओं पर प्रमाणित अभिलेख मांगे गए हैं। इनमें जिले के 81 किराये के स्वास्थ्य उपकेंद्रों के संचालन और उन पर हुए करीब 1.60 करोड़ रुपये के बजट व्यय, खरीद प्रक्रिया, निविदाएं, जेम पोर्टल से खरीद, नियमावली और शासनादेश शामिल हैं।
इसके अलावा जुलाई 2024 में स्टेशनरी खरीद के लिए आवंटित बजट, लगभग 50 लाख रुपये की खरीद, निविदा प्रक्रिया, जेम पोर्टल के अभिलेख तथा संबंधित शासनादेश भी मांगे गए हैं। विजिलेंस ने वर्ष 2025 तक संचालित आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी अस्पतालों के लिए आवंटित बजट, दवा खरीद, ओपीडी रजिस्टर और विभिन्न मदों में हुए व्यय का पूरा ब्योरा भी तलब किया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मामला अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए और सभी अभिलेख सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराए जाएं। बता दें कि सीएमओ डॉ. दुबे सुल्तानपुर जिले के रहने वाले हैं और वर्तमान में इसकी तैनाती प्रयागराज जिला अस्पताल में है।
आशा संगिनी भर्ती भी जांच के दायरे में
विजिलेंस ने लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व हुई आशा संगिनी भर्ती प्रक्रिया की भी जांच शुरू कर दी है। इसके तहत भर्ती संबंधी शासनादेश, विज्ञापन, प्राप्त आवेदन, साक्षात्कार में शामिल अभ्यर्थियों की संख्या, चयनित अभ्यर्थियों का विवरण तथा यदि भर्ती नहीं हुई तो उसके कारणों की जानकारी मांगी गई है। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में एडी हेल्थ और सीएमओ की भूमिका से जुड़े अभिलेख भी तलब किए गए हैं।
आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों की भी होगी जांच
आयुष्मान भारत योजना के तहत पंजीकृत अस्पतालों की भी जांच की जाएगी। विजिलेंस ने आवास विकास कॉलोनी स्थित एक आई हॉस्पिटल के आयुष्मान योजना में शामिल होने की तिथि, वर्ष 2025 तक उपचारित मरीजों का विवरण तथा संबंधित अभिलेख मांगे हैं। साथ ही आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पतालों के संबंध में एडी हेल्थ और सीएमओ की भूमिका से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। जांच के लिए एक नोडल अधिकारी नामित कर उसका नाम, पद और मोबाइल नंबर भी भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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विभागीय कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
सूत्रों के अनुसार तत्कालीन सीएमओ के कार्यकाल में विभाग के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। बताया जा रहा है कि कई प्रशासनिक और वित्तीय निर्णयों में संबंधित लिपिकों की भूमिका की भी पड़ताल होगी। पूर्व सीएमओ ने इनमें से एक बाबू के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भी लिखा था। हालांकि, अभी तक उस बाबू पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
कोट
पूर्व में इस प्रकरण की जांच हो चुकी थी, खरीद संबंधित अभिलेख भी दिए जा चुके हैं, फिर से प्रकरण की जांच कैसे शुरू हुई पता नहीं, यदि जांच में सहयोग मांगा जाएगा तो वह उपलब्ध रहेंगे। खरीद जो भी हुआ था नियमानुसार है।
-डॉ. आरएस दूबे, पूर्व सीएमओ, बस्ती।
कोट
पूर्व में हुए खरीद प्रकरण से जुड़े मामले की विजिलेंस जांच संबंधित पत्र आया है। एसपी विजिलेंस की ओर से जो अभिलेख मांगे गए हैं, उसको एकत्र करके भेजा जा रहा है। जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा।
-डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।