हर्रैया। गोरक्ष प्रांत विहिप अर्चक पुरोहित की बैठक परशुरामपुर क्षेत्र के मड़ेरिया बाजार में हुई। विहिप के सह मंत्री श्रीमान अरुण नेकटे व गोरक्ष प्रांत मंत्री नागेन्द्र, ने दीप प्रज्ज्वलित कर बैठक का शुभारंभ किया।
विहिप सह मंत्री अरुण नेकटे ने कहा कि भारत सनातन धर्म की भावना से अनुप्राणित है।भारत ऋषियों, मुनियों,साधु, संतों के मार्ग दर्शन में चलने वाला राष्ट्र है ।मठ मंदिर शिक्षा, धर्म, अर्थव्यवस्था, राजनीति आदि सभी का केंद्र विंदु रहा है। भारत त्याग और तपस्या का देश है। ऋषि मुनियों और साधु संतों ने साधना और तपस्या से जो ज्ञान और सिद्धि प्राप्त किया वह समाज और राष्ट्र के हित के लिए था। भारत में धर्म पर आधारित चार पुरुषार्थ धर्म अर्थ काम और मोक्ष मानव जीवन के चरम लक्ष्य है। हमें अपने मंदिरों में गोशाला,मल्लशाला, गोशाला तथा गुरु कुल को संचालित करना चाहिए। मंदिर को हिन्दू देवी देवता के साथ राष्ट्र की आराधना का केंद्र बनना चाहिए। हमारे अर्चक पुरोहित समाज में धर्म और संस्कृति के साथ संस्कार विकसित करने का प्रयास करें। गोरक्ष प्रांत संगठन मंत्री राजेश ने कहा कि हिन्दू समाज को संगठित करने के लिए विहिप प्रयास कर रहा है। हिन्दू समाज में सभी को समान माना जाता है सभी में एक ही देवता है। हिन्दू धर्म में छुआ छूत के लिए कोई स्थान नहीं है। बैठक में दिनेश मिश्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मंत्री शगुन श्रीवास्तव, बृजराज शुक्ल,श्रीश पांडेय, विमलेंद्र मिश्र, राम बहादुर ओझा ,लवकुश शुक्ल सहित अन्य मौजूद रहे।