पूर्णिमा पर यज्ञ करते लोग स्रोत आयोजक
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बस्ती। शरद पूर्णिमा पर आर्य समाज नई बाजार में वैदिक यज्ञ और सत्संग का आयोजन किया गया। पूर्णिमा की विशेष आहुतियां देकर लोककल्याण, सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना की गई। योग शिक्षक नीलम मिश्रा मुख्य यजमान रहीं।
आर्य समाज नई बाजार के प्रधान ओम प्रकाश आर्य ने कहा कि यह वर्षा ऋतु की समाप्ति और शरद ऋतु के आगमन का संधिकाल है। यज्ञ के दौरान योगाचार्य गरुण ध्वज पांडेय ने शरद पूर्णिमा पर खीर को खुले आसमान के नीचे रखने की परंपरा और उसके औषधीय महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि दूध, चावल और मिश्री से बनी खीर को चांदनी में रखने की परंपरा प्रचलित है। आयुर्वेद में चंद्रमा को औषधियों से जोड़कर देखा गया है। कहा कि शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह पर्व मनुष्य को अज्ञान और आलस्य छोड़कर जागरूक रहने का संदेश देता है। इस दौरान शिव श्याम, मनोज कुमार, रजनीश चौधरी, नवल किशोर चौधरी, राधा देवी और धर्मेंद्र कुमार मौजूद रहे। संवाद